
मरवा शरबीनी के हत्यारे को आजन्म कारावास का दंड मिला
जर्मनी में उस व्यक्ति को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है जिसने एक अदालत के भीतर एक गर्भवती महिला की हत्या कर दी थी.
ड्रेस्डेन की अदालत ने फ़ैसला सुनाते हुए कहा कि ऐलेक्ज़ैंडर वेन्स जल्दी रिहाई के हक़दार नहीं होंगे.
रूस में जन्मे जर्मन नागरिक वेन्स ने जुलाई में एक अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान मरवा शरबीनी की छुरा मार कर हत्या कर दी थी. शरबीनी मिस्र की रहने वाली थी.
समूचे मुस्लिम जगत में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई थी.
कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच चले मुक़दमे में वेन्स ने कहा कि उसने हत्या का इरादा नहीं किया था.
लेकिन अभियोग पक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि उसका क़दम ‘ग़ैर यूरोपीय लोगों और मुसलमानों के प्रति घृणा’ से प्रेरित था.
झूले पर झगड़ा
यह मामला 2008 में खेल के मैदान में छिड़ी एक बहस से शुरु हुआ था.
मरवा शरबीनी ने झूले पर बैठे वेन्स से कहा कि उसके बच्चे को झूलने दे. लेकिन उसने साफ़ इनकार कर दिया और ऊपर से उसे नस्ली गालियां दीं.
मरवा ने मान हानि का दावा ठोका तो अदालत ने वेन्स पर 780 यूरो का जुर्माना कर दिया.
लेकिन इस साल जुलाई में वेन्स ने अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की और जब वह सुनवाई के लिए अदालत पहुंचा तो साथ में 7 इंच का चाकू भी छिपा कर ले गया. उसी चाकू से उसने मरवा पर 16 वार किए.
मरवा के पति ने उसे बचाने की कोशिश की तो वेन्स ने उसे भी घायल कर दिया.
मरवा ने अपने पति और तीन साल के बेटे के सामने प्राण त्याग दिए.
कई मुसलिम नेताओं ने जर्मनी पर इसलाम विरोधी होने के आरोप लगाए. उन्होने कहा कि जर्मनी ने इस हमले की भरपूर भर्त्सना नहीं की.
जब मरवा को मिस्र में दफ़नाया गया तो हज़ारों लोगों ने जर्मनी मुर्दाबाद के नारे लगाए और ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए.
पश्चिमी यूरोप में मुसलमानों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी जर्मनी में रहती है.















