
स्विट्ज़रलैंड की एक दक्षिणपंथी पार्टी ने ये मुद्दा उठाया है
स्विट्ज़रलैंड के अनेक हिस्सों में शनिवार को मस्जिदों को आम जनता के लिए खोला जा रहा है.
ग़ौरतलब है कि तीन हफ़्ते बाद स्विट्ज़रलैंड में इस विषय पर मतदान होना है कि क्या मीनारों के निर्माण पर रोक लगाई जाए?
एक रूढ़ीवादी पार्टी ने इस मुद्दे पर मतदान की माँग की शुरुआत की थी और उसका कहना था कि मीनार मुसलमानों की धार्मिक और राजनीतिक शक्ति का प्रतीक हैं.
स्विट्ज़रलैंड की स्विस पीपुल्स पार्टी (एसवीपी) इस पूरे अभियान का नेतृत्व कर रही है.
लेकिन देश के मुस्लिम संगठनों का कहना है कि ये केवल एक मुस्लिम धार्मिक जगह का प्रतीक हैं.
स्विट्ज़रलैंठ के मुस्लिम संगठनों का कहना है कि मस्जिदों को आम जनता के लिए खोले जाने से लोगों को उनके बारे में डर और पूर्वाग्रहों से मुक्ति पाने में मदद मिलेगी.
देश में मतदान से पहले हुए सर्वेक्षणों में संकेत मिले हैं कि मतदान में मीनारों के निर्माण पर प्रतिबंध के सुझाव को अधिकतर जनता ख़ारिज कर सकती है.













