
बिल क्लिंटन ने नैटो को तत्कालीन यूगोस्लाविया पर बमबारी की अनुमति दी थी.
कोसोवो की राजधानी प्रिस्टीना में हजारों चाहने वालों की मौजूदगी में अमरीकी के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने अपनी प्रतिमा का अनावरण किया.
ये प्रतिमा करीब तीन मीटर ऊँची है 900 किलोग्राम वजन वाली है और इस पर सुनहरा रंग छिडका गया है. बिल क्लिंटन की ये मुस्कुराती प्रतिमा देश की राजधानी प्रिस्टीना के बीचोबीच क्लिंटन बोलेवार्ड में हमेशा प्रतिष्ठित रहेगी. यहाँ रहने वाले 90 प्रतिशत अल्बेनियाई मूल के लोगों में से बहुत से लोग बिल क्लिंटन को नायक के रूप में देखते हैं.
वर्ष 1999 में अमरीका के राष्ट्रपति के रूप में बिल क्लिंटन ने नेटो को तत्कालीन यूगोस्लाविया पर बमबारी की अनुमति दी थी.
यूगोस्लाविया उस समय कोसोवो में लोगों के आन्दोलन को दबाने की कोशिश कर रहा था. कोसोवो ने गत वर्ष सर्बिया से एकतरफ़ा आज़ादी की घोषणा कर दी थी.
संयुक्त राष्ट्र और अमरीका ने कोसोवो के इस क़दम का समर्थन किया था. चीन और रूस सहित कई पश्चिमी देश अब भी अल्बानिया को सर्बिया का हिस्सा मानते हैं.
इस अवसर पर कोसोवो के राष्ट्रपति फ़ातमीर सेज्यू ने बिल क्लिंटन की तारीफ़ करते हुए कहा "आप और अमरीकी लोग कोसोवो की आज़ादी में एक ख़ास जगह रखते हैं. कोसोवो के नागरिक आपके फ़ैसलों और सैन्य हस्तक्षेप के लिए आपके आभारी हैं जिनके कारण कोसोवो में जनसंहार रुका."
इस मौक़े पर मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बिल क्लिंटन ने कहा की उन्हें क़तई उम्मीद नहीं थी कि कहीं कोई उनकी इतनी बड़ी प्रतिमा लगाएगा.
इस प्रतिमा में क्लिंटन को बायाँ हाथ उठाए हुए दिखाया गया है. प्रतिमा के दूसरे हाथ में दस्तावेज़ हैं जिन पर 24 मार्च 1999 लिखा हुआ है.
इस दिन कोसोवो ने यूगोस्लाविया के ख़िलाफ़ अपना हवाई अभियान शुरू किया था.
लगातार 78 दिन की बमबारी के बाद यूगोस्लाविया की सेना कोसोवो छोड़ने पर मजबूर हुई और कोसोवो को संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में रख दिया गया.
बीबीसी के बेलग्रेड संवाददाता का कहना है कि बिल क्लिंटन की ये प्रतिमा सर्बिया के उन सर्ब लोगों को पसंद नहीं आएगी जो वॉशिंगटन को अपने देश के विभाजन के लिए ज़िम्मेदार मानते हैं.













