
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पश्चिमी देशों को आपत्ति है
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेन्सी (आईएईए) ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम के बारे में संस्था के प्रस्ताव पर ईरान अगले हफ़्ते जवाब देगा.
आईएईए ने संयुक्तराष्ट्र, ईरान अमरीका, रूस और फ्रांस के बीच बातचीत के बाद यह प्रस्ताव रखा था कि ईरान के यूरेनियम को संवर्द्धित करने के लिए रूस और फ्रांस भेजा जाएगा.
इस संधि पर सहमति के लिए आईएईए ने ईरान के समक्ष एक समय सीमा भी निर्धारित की थी जिस पर विचार करने के लिए ईरान ने सकारात्मक रुख अपनाया है और अगले हफ़्ते तक जवाब देने का वादा किया है.
शर्तें
इस प्रस्ताव के तहत ईरान अपने यूरेनियम को आईएईए को सौंपेगा जो उसे संवर्द्धित करने के लिए रूस भेजेगा. रूस से संवर्द्धित यूरेनियम को फ्रांस भेजा जाएगा जो इसे ईरान के शोध रिएक्टर के काम लायक तैयार करेगा.
ईरान ने आईएईए के महानिदेशक को सूचित किया है कि वह इस प्रस्ताव पर गहनता और सकारात्मक रूप से विचार कर रहा है. लेकिन जवाब देने के लिए उसे अगले हफ़्ते के मध्य तक का वक़्त चाहिए
आईएईए का वक्तव्य
इस प्रकार ईरान को अपने शोध रिएक्टर के लिए पर्याप्त ईंधन तो मिलेगा लेकिन वह परमाणु बम बनाने के लिए उपयुक्त नहीं होगा.
आईएईए ने अपने एक वक्तव्य में कहा, "ईरान ने आईएईए के महानिदेशक को सूचित किया है कि वह इस प्रस्ताव पर गहनता और सकारात्मक रूप से विचार कर रहा है. लेकिन जवाब देने के लिए उसे अगले हफ़्ते के मध्य तक का वक़्त चाहिए."
आईएईए के वक्तव्य में महानिदेशक अल बारादेई को उद्धृत करते हुए यह आशा भी व्यक्त की गई है कि 'ईरान का जवाब सकारात्मक होगा क्योंकि यह संधि एक नए सहयोग की सूचक होगी.'
आईएईए ने यह भी कहा है कि उसके इस प्रस्ताव पर अमरीका, रूस और फ्रांस का रुख भी सकारात्मक है.
अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ईयन केली ने कहा, "अच्छा होता कि ईरान का जवाब आज ही मिल जाता. फिर भी हमें आशा है कि वह अगले हफ़्ते के सकारात्मक जवाब देगा."
उल्लेखनीय है कि अमरीका सहित कई पश्चिमी देश ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आपत्ति जताते हैं क्योंकि वे मानते हैं कि ईरान परमाणु बम बनाने का प्रयास कर रहा है.
जबकि ईरान इसका खंडन करता है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.
इस विवाद के चलते ईरान पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए गए हैं.














