रूस ईरान पर प्रतिबंध के पक्ष में नहीं

हिलेरी क्लिंटन और सर्गेई लेवरोव

हिलेरी क्लिंटन रूस के दौरे पर हैं.

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ईरान के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए रुस को मनाने में असफल हो गईं है.

अमरीका चाहता था कि ईरान के कथित परमाणु कार्यक्रम को रुकवाने में उसे रुस का साथ मिले पर एसा हो न सका.

मॉस्को में रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लेवरोव ने कहा कि ईरान के ख़िलाफ़ किसी तरह की धमकी के भी दुष्परिणाम होंगे.

बीबीसी के मॉस्को संवाददाता रुपर्ट विंगफिल्ड हेप्स कहते है कि पिछले महीने जब रुस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने घोषणा की थी की ईरान के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने के अलावा कोई और चारा नहीं है तो अमरीकी सरकार अपनी खुशी छुपा नहीं पाई थी.

पर अब मॉस्को में हिलेरी क्लिंटन इतनी खुश नहीं हो सकी.

रुस के विदेश मंत्री सर्गेई लेवरोव ने हिलेरी क्लिंटन को कहा कि अभी तो प्रतिबंध लगाने की बात करने का भी सही समय नहीं है.

पर आख़िर रुस के रुख़ में ये परिवर्तन क्यों आया. शायद दो हफ़्ते पहले जिनेवा में ईरान नें अपने परमाणु संयंत्रों की अंतरराष्ट्रीय निगरानी की अनुमति देने और परिष्कृत यूरेनियम रुस और फ्रांस को प्रसंस्करण के लिए भेजने की बात कही थी और इसी के बाद रूस के रुख़ के बदलाव आ गया.

मॉस्को का मानना है कि ईरान के साथ कूटनीति काम कर रही है तो और धमकी देने का कोई औचित्य नहीं है. अमरीका की ईरान के ख़िलाफ़ एक संयुक्त मोर्चा तैयार करने की कोशिशों में पहली पहली दरारें भी दिखने लगी है.

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