
चीन में अधिकारियों का कहना है कि मुस्लिम बाहुल्य शिनजियांग प्रांत की राजधानी उरुमची में फिर से रात का कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
पिछले दो दिनों से वहाँ कर्फ़्यू नहीं था क्योंकि अधिकारियों का कहना था कि स्थिति नियंत्रण में है.
शुक्रवार को उरुमची में मस्जिदों को बंद रखने का आदेश दिया गया था लेकिन वीगर समुदाय के लोगों के आग्रह के बाद कम से कम दो मस्जिदें खोली गईं.
बीबीसी संवाददाता क्विनटिन सॉमरविल ने बताया है कि अधिकारियों ने स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे से कर्फ़्यू की घोषणा की है.
वीगर और शिनजियांग
- वीगर तुर्की मूल के मुसलमान हैं
- वहाँ वगीर समुदाय की जनसंख्या 45 प्रतिशत है
- जबकि हान चीनी लोगों की जनसंख्या 40 प्रतिशत है
- पूर्वी तुर्किस्तान पर चीन ने 1949 में दोबारा कब्ज़ा किया
- तब से वहाँ बड़ी संख्या में हान चीनी बसने लगे
- वगीर लोग अपनी पारंपरिक संस्कृति को लेकर चिंतित हैं
- वर्ष 1991 से वहाँ रुक-रुक कर हिंसा होती रही है
- चार अगस्त, 2008 को काश्गार में 16 चीनी पुलिसकर्मी मारे गए थे
तनाव
रविवार को उरुमची में हुई हिंसा के बाद वहाँ स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है. हिंसा के दौरान 156 लोग मारे गए थे और 1000 से ज़्यादा घायल हो गए थे.
इसके बाद शहर में कर्फ़्यू लगा दिया गया था लेकिन स्थिति को काबू में बताते हुए बाद में इसे कुछ समय के लिए हटा दिया गया था.
इस इलाक़े में वीगर समुदाय और हान चीनी समुदाय के लोग रहते हैं.
वीगर समुदाय के लोग करीब 45 प्रतिशत है और हान चीनी समुदाय के लगभग 40 फ़ीसदी हैं. दोनों के बीच रिश्ते तनावपूर्ण रहे हैं.
हिंसा के कारण चीन के राष्ट्रपति हू जिंताओ इटली में आयोजित जी-8 सम्मेलन में अपना कार्यक्रम छोड़कर वापस लौटना पड़ा था.














