चीन में सरकारी मीडिया का कहना है कि शिन्जियांग प्रांत के मुस्लिम बहुल इलाक़े उरूमची में हिंसक प्रदर्शनों में तीन लोग मारे गए हैं.

शिन्हुआ समाचार एजेंसी के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने वाहनों को आग लगा दी और कई लोगों पर हमला किया. इसके बाद पुलिस को वहाँ जाना पड़ा.
शिन्हुआ में ये नहीं लिखा गया है कि वहाँ कितने लोग थे या प्रदर्शनकारियों की शिकायत क्या थी.
लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों और कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रदर्शन में शामिल लोग मुस्लिम विगर समुदाय के लोग थे.
शिन्जियांग में करीब 80 लाख विगर समुदाय के लोग रहते हैं जिनमें से कई आज़ादी की माँग करते आए हैं.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने रॉयटर्स को बताया, "प्रदर्शन में पहले कुछ 100 लोग थे. बाद में 1000 से ज़्यादा लोग इकट्ठा हो गए थे."
विगर समुदाय
उरूमची में सात घंटों के लिए कर्फ़्यू लगा दिया गया है. उमरुची में पढ़ाई कर रहे एक अमरीकी नागरिक ऐडम ग्रोड ने बताया है कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को बस की खिड़कियाँ तोड़ते और पुलिस द्वारा स्थापति नाकों को लांघते हुए देखा.
ऐडम ने एपी को बताया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आँसू गैस छोड़ी और डंडे बरसाए और रात होने के बाद शहर में अतिरक्त पुलिसबल और सैनिक आ गए.
जापान और जर्मनी में विगर समुदाय के कार्यकर्ताओं का कहना है उन्हें कई लोगों को गिरफ़्तार किए जाने की ख़बरें मिली हैं.
शिन्हुआ का कहना है कि मारे गए तीनों लोग हैन चीनी थे. ये स्पष्ट नहीं है कि प्रदर्शन क्यों शुरु हुए.
चीन में विगर समुदाय और हैन चीनी लोगों के बीच संबंध तनावपूर्ण रहे हैं. स्वायत्ता की विगर समुदाय की माँग को चीन हमेशा ठुकराता रहा है.
अमरीका का आरोप है कि चीन शिन्जियांग इलाक़े में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है.
इस साल जारी रिपोर्ट में अमरीका ने कहा था कि शिन्जियांग में सांस्कृतिक और धार्मिक स्तर पर दमन बढ़ा है.
विगर समुदाय के अलगाववादी दशकों से चीन के ख़िलाफ़ अभियान छेड़े हुए हैं और वहाँ बीच-बीच में हिंसा होती रहती है.














