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बुधवार, 08 अक्तूबर, 2003 को 16:42 GMT तक के समाचार भारत-आसियान में नज़दीकी
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भारत को लगातार दूसरे साल आसियान बैठक में बुलाया गया
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जकार्ता से बीबीसी संवाददाता लैरी जगन
भारत और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन आसियान के बीच आपसी महत्व के कई प्रमुख मुद्दों पर समझौते हुए हैं.
भारत के लिए यह ‘पूर्व की तरफ़ नज़र’ डालने की दिशा में एक औऱ क़दम माना जा रहा है.
भारतीय अधिकारियों ने बीबीसी को बताया है कि सम्मेलन में जिन समझौतों पर दस्तख़त हुए हैं वे सरकार की ऐसी ही नीति का प्रमुख हिस्सा हैं.
भारत ने इंडोनेशिया के बाली में हुए सम्मेलन में तीन समझौतों पर हस्ताक्षर किए – एक आपसी सहयोग के बारे में, एक आतंकवाद की रोकथाम के संबंध में और तीसरा मुक्त व्यापार के बारे में.
नज़दीकी
दरअसल पिछले दो वर्षों में भारत आसियान से अपनी नज़दीकी बढ़ा रहा है और भारत ने संगठन की वार्षिक बैठक में लगातार दूसरे वर्ष हिस्सा लिया है.
 बैठक में आमंत्रित नेता | आसियान में भारत के अलावा चीन, जापान और दक्षिण कोरिया को ही ऐसा विशेष दर्जा मिला हुआ है.
इसमें ज़रा भी संदेह नहीं कि दोनों पक्षों के बीच इन समझौतों के पीछे क्षेत्र में चीन के प्रभाव को लेकर पैदा हुई चिंता है मगर औपचारिक तौर पर कोई भी इसे नहीं मानेगा.
मगर जिस गति से बस 10 महीने में ही ये समझौते हुए हैं उससे आसियान देश भी चकित हैं.
अनिच्छा
इसके पहले आसियान देश भारत की क्षमता से तो इनकार नहीं करते थे मगर मुक्त व्यापार के संबंध में उनमें एक तरह की अनिच्छा रही थी.
मगर पिछले एक साल में उनकी सोच काफ़ी बदली है और आसियान देश अब भारत के साथ अपने रिश्ते मज़बूत करना चाहते हैं.
आसियान की नज़र मगर चीन पर भी रहेगी और इसमें ज़रा भी संदेह नहीं है कि आसियान के सामने अगर भारत और चीन में किसी एक से संबंध बढ़ाने का चुनाव करना होगा तो चीन उनके लिए पहली पसंद होगा. |
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