BBC World Service LogoHOMEPAGE | NEWS | SPORT | WORLD SERVICE DOWNLOAD FONT | Problem viewing?
BBCHindi.com

पहला पन्ना
भारत और पड़ोस
खेल और खिलाड़ी
कारोबार
विज्ञान
आपकी राय
विस्तार से पढ़िए
हमारे कार्यक्रम
प्रसारण समय
समाचार 
समीक्षाएं 
आजकल 
हमारे बारे में
हमारा पता
वेबगाइड
मदद चाहिए?
Sourh Asia News
BBC Urdu
BBC Bengali
BBC Nepali
BBC Tamil
 
BBC News
 
BBC Weather
 
 आप यहां हैं: 
 ताज़ा समाचार
मंगलवार, 24 जून, 2003 को 10:04 GMT तक के समाचार
चिकित्सा जगत में 'रंगभेद'
आठ साल में लगभग 500 डॉक्टरों से जानकारी ली गई
आठ साल में लगभग 500 डॉक्टरों से जानकारी ली गई

आप क्या हैं इससे ज़्यादा महत्वपूर्ण ये है कि आप कौन हैं?

कुछ ऐसा ही कहना है एक ब्रितानी पत्रिका में प्रकाशित एक अध्ययन का जिसके अनुसार ब्रिटेन में चिकित्सा के पेशे में रंगभेद बरता जाता है.

'ब्रिटिश मेडिकल जर्नल' नामक इस पत्रिका ने एक अध्ययन के बाद कहा है कि ब्रिटेन में चिकित्सा के पेशे में रंगभेद बरता जाता है.

इसके अनुसार गोरे डॉक्टरों के लिए प्रशिक्षण और तरक्की पाना आसान होता है.

लगभग 500 डॉक्टरों से जानकारी के आधार पर आठ साल तक अध्ययन करने के बाद इन नतीजों को पत्रिका में प्रकाशित किया गया है.


सबसे ज़्यादा मुश्किल में हैं विदेशों में जन्मे डॉक्टर
इस अध्ययन के अनुसार गोरे डॉक्टरों ने ये स्वीकार किया कि दूसरे अल्पसंख्यक डॉक्टरों की तुलना में उनके लिए परीक्षा पास करना भी आसान था और तरक्की हासिल करना भी.

एक भारतीय महिला सर्जन ने कहा कि एक ऑपरेशन के दौरान उनके बॉस ने उन्हें 'द गर्ल' कहकर संबोधित किया क्योंकि वह 'अजीब विदेशी नाम' याद नहीं रख सकता था.

एक और गोरी महिला डॉक्टर ने कहा कि उसे काले और एशियाई डॉक्टरों की तुलना में ज़्यादा नौकरियाँ दी गईं जबकि दूसरे उम्मीदवार उससे बेहतर थे.

सबसे ज़्यादा मुसीबत विदेशी डॉक्टरों के साथ थी.

नाम या नंबर

एक डॉक्टर ने बताया कि एक अधिकारी ने नौकरियों के लिए आए आवेदनों में से विदेशी डॉक्टरों के आवेदनों को सीधे कूड़ेदान में डाल दिया.

ऐसे समय में जबकि ब्रिटेन में डॉक्टरों की सख़्त ज़रूरत है, इस पेशे में रंगभेद की ख़बर आने से स्थिति और ख़राब ही होगी.

इस अध्ययन में वैसे हर तरह के लोगों से बात की गई मगर उनमें ज़्यादातर गोरे डॉक्टर ही थे.

अधिकतर लोग इस बात पर सहमत थे कि इस पेशे में रंगभेद है.

उन्होंने ये भी सुझाव दिया कि इस समस्या पर क़ाबू पाने के लिए आवेदन पत्रों में नाम के बजाय नंबर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए.

और एक सुझाव दिया गया कि ऐसी व्यवस्था की जाए जिससे नौकरी देने वाले लोग उसी नौकरी वाले विभाग में काम ना करते हों.

कई डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने रंगभेद के संबंध में इसलिए शिकायत नहीं कि क्योंकि इससे उनकी तरक्क़ी की संभावनाओं पर उल्टा असर पड़ सकता था.
 
 
अन्य ख़बरें
18 जनवरी, 2003
गाली देने की सज़ा मिली
20 मई, 2002
ब्रिटेन एक 'नस्लवादी समाज'
19 अप्रैल, 2002
लेखक के साथ हांगकांग में दुर्व्यवहार
04 जनवरी, 2002
रंगभेद विरोधी योजना पर सहमति
इंटरनेट लिंक्स
ब्रिटिश मेडिकल जरनल
बीबीसी अन्य वेब साइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है
ताज़ा समाचार
बग़दाद में दो अमरीकी मरे
फ़लस्तीन में फिर सत्ता संघर्ष?
हेडेन ने तोड़ा लारा का रिकॉर्ड
नाथन एस्टल ने शतक बनाया
तस्वीर भेजी और चकमा दिया
पूर्व गोरखा सैनिक मुक़दमा हारे
कैदियों के हक में उठी आवाज़







BBC copyright   ^^ हिंदी

पहला पन्ना | भारत और पड़ोस | खेल और खिलाड़ी
कारोबार | विज्ञान | आपकी राय | विस्तार से पढ़िए
 
 
  कार्यक्रम सूची | प्रसारण समय | हमारे बारे में | हमारा पता | वेबगाइड | मदद चाहिए?
 
 
  © BBC Hindi, Bush House, Strand, London WC2B 4PH, UK