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सोमवार, 16 जून, 2003 को 03:46 GMT तक के समाचार अफ़ग़ानिस्तान पर यूनेस्को सम्मेलन
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बामियान में बुद्ध प्रतिमाएँ तालेबान ने ध्वस्त कर दी थीं
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अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के ख़िलाफ़ चले सैनिक अभियान के दौरान देश की साँस्कृतिक धरोहर को हुए नुक़सान की मरम्मत पर चर्चा के लिए संयुक्त राष्ट्र की साँस्कृतिक शाखा यूनेस्को सोमवार से पेरिस में तीन दिन का सम्मेलन कर रही है.
यह सम्मेलन पहले राजधानी काबुल में होना था लेकिन वहाँ के ख़राब हालात की वजह से इसे पेरिस ले जाना पड़ा है.
सम्मेलन में काबुल संग्रहालय और बामियान के साथ साथ तमाम छोटी बड़ी धरोहरों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को एकजुट करने के तरीक़ों पर विचार होगा.
 धरोहर बचाने की कोशिश | कोशिश ये है कि अफ़ग़ानिस्तान की साँस्कृतिक धरोहर के ज़रिए देश का पुनर्निर्माण करने में मदद ली जाए लेकिन असलियत ये है कि ना तो देश की माली हालत और न ही सुरक्षा हालात इसकी इजाज़त देते हैं.
लेकिन यूनेस्को अफ़ग़ानिस्तान की साँस्कृतिक धरोहर को संजोकर रखने के लिए एक काम तो कर ही सकता है और करेगा भी कि एक रणनीति तैयार की जाए और उसके लिए धन जुटाया जाए.
मुश्किल ये है कि इस मामले में काफ़ी कुछ किए जाने की ज़रूरत हैं क्योंकि काबुल संग्रहालय की तो छत ही टूट फूट चुकी है.
हो सकता है इस संग्रहालय को किसी दूसरी जगह स्थापित करने की ज़रूरत पड़ जाए.
इसके अलावा बामियान में विश्व प्रसिद्ध प्रतिमाओं को फिर से खड़ा करने का काम भी सामने है.
तालेबान ने 2001 में बुद्ध प्रतिमाओं को तोड़ दिया था और अब इन प्रतिमाओं कुछ हिस्से अपना आकार खोते जा रहे हैं जिन्हें समेट कर फिर से खड़ा करना भी एक चुनौती है.
देश में पुरातत्व महत्व के स्थानों की भी हालत ख़राब है और प्राचीन और साँस्कृतिक वस्तुओं की तस्करी करने वालों ने उनका बुरा हाल कर दिया है. |
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