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रविवार, 08 जून, 2003 को 19:49 GMT तक के समाचार
एक विरोध प्रदर्शन ऐसा भी. . .
टैरी हिक्स चाहते हैं कि उनके बेटे को तुरंत रिहा किया जाए
टैरी हिक्स चाहते हैं कि उनके बेटे को तुरंत रिहा किया जाए

एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक ने अपने बेटे को अमरीकी सैनिक अड्डे ग्वांतनामो बे से रिहा कराने की माँग के तहत ख़ुद को भी एक ऐसे ही पिंजरे में बंद कर लिया जैसै पिंजरों में इस सैनिक अड्डे पर बंदियों को रखा गया है.

टैरी हिक्स नामक इस नागरिक ने अपने बेटे को अमरीकी छावनी से रिहा कराने में ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नाकामी का आरोप लगाते हुए रविवार को राजधानी एडिलेड में यह विरोध प्रदर्शन किया.

उनके बेटे डेविड पर आरोप है कि उसने अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान की तरफ़ से लड़ाई लड़ी थी.


यह सोचकर बहुत निराशा और हताशा होती है कि सरकार नशीली दवाओं के तस्करों और दूसरे मामलों के लोगों को छुड़वाने में तो फ़ुर्ती दिखाती है लेकिन मेरे बेटे के मामले में हमें दिवारों से ही सर फोड़ना पड़ रहा है

टैरी हिक्स
हिक्स ने ख़ुद को राजधानी एडिलेड में उस भवन के सामने पिंजरे में बंद किया है जिसमें ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड एक सम्मेलन में भाग ले रहे थे.

टेरी हिक्स ने बताया कि उनका पिंजरा उस पिंजरे के जैसा ही है जिसमें उनके बेटे को क्यूबा के ग्वान्तानामो बै सैनिक अड्डे में बंधक बनाया गया है.

टेरी ने ये भी कहा कि दूसरे देशों के ऐसे बंदियों को उनके देशों ने उनकी रिहाई के लिए कोशिशें की हैं जबकि ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने इस मामले से ख़ुद को दरकिनार कर लिया है.

पत्रकारों से एक बातचीत में टेरी हिक्स ने कहा, "यह सोचकर बहुत निराशा और हताशा होती है कि सरकार नशीली दवाओं के तस्करों और दूसरे मामलों के लोगों को छुड़वाने में तो फ़ुर्ती दिखाती है लेकिन मेरे बेटे के मामले में हमें दिवारों से ही सर फोड़ना पड़ रहा है."

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने इस प्रदर्शन को नज़रअंदाज़ करते हुए सम्मेलन स्थल में प्रवेश करने के लिए पिछले दरवाज़े का इस्तेमाल किया.

ग़ौरतलब है कि अमरीका ने क़रीब 40 देशों से लगभग 660 लोगों को बिना कोई मुक़दमा चलाए ग्वान्तानामों के सैनिक अड्डे पर बंधक बना कर रखा हुआ है.

जिन लोगों पर अल-क़ायदा या अफ़गानिस्तान के पूर्व शासक तालेबान से संबंध होने के संदेह हैं उन्हें अमरीका ने 'ग़ैरकानूनी लड़ाकुओं' की का नाम दिया है और उन्हें क़ानूनी सहायता की सुविधा तक नहीं दी गई है.

मानवाधिकार संगठन लंबे समय से अमरीका से यह अपील करते रहे हैं कि कि या तो वे ग्वान्तानामो के बंधकों पर कोई आपराधिक मुक़दमा चलाएं या फिर उन्हें रिहा कर दें.
 
 
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