|
|
 |
शनिवार, 07 जून, 2003 को 08:59 GMT तक के समाचार सद्दाम हुसैन का उपन्यास
|

उपन्यास में सद्दाम हुसैन का ही चरित्र दिखाई देता है
|
सत्ता के पतन के पहले इराक़ी शासक सद्दाम हुसैन का एक उपन्यास प्रकाशित होने वाला था.
एक इराक़ी अख़बार का दावा है कि उसने इस उपन्यास की पांडुलिपि देखी है.
कहा जा रहा है कि यह उपन्यास लेखक के नाम के बिना छपने वाला था.
अल-ज़मान अख़बार का कहना है कि 'अल-सहवा अल-अज़ीमा' यानि 'महान जागृति' नाम का यह उपन्यास सद्दाम हुसैन की पाँचवी किताब है.
यह कोई नहीं जानता कि सद्दाम हुसैन के लिए कौन लिखता था.
समानता
इस समय जो उपन्यास मिला है उसकी शैली उस उपन्यास से काफ़ी मिलती जुलती है जो दो साल पहले प्रकाशित हुई थी.
 सद्दाम हुसैन के जीवन और उपन्यास के हीरो के जीवन में समानताएँ हैं | उस उपन्यास को भी बिना नाम के प्रकाशित किया गया था.
नए उपन्यास में यह साफ़ झलकता है कि इसमें सद्दाम हुसैन ही हैं.
इसमें राजनीतिक षडयंत्रों का ज़िक्र है तथा भूमिगत विरोधों और औपनिवेशिक ताक़तों के ख़िलाफ़ संघर्ष की बात कही गई है.
क्रूर प्रतीक और राजनीतिक रूपक पिछले उपन्यास में भी था.
इस उपन्यास का हीरो एक ऐसा शासक बताया गया है जिसे सत्ता से हटा दिया जाता है फिर वह एक पड़ोसी देश में निर्वासन का जीवन व्यतीत करते हुए विदेशी शासकों के ख़िलाफ़ अभियान चलाता है.
अख़बार इस उपन्यास के हीरो को सद्दाम हुसैन के रूप में देखता है.
इस अख़बार का कहना है कि सद्दाम हुसैन और बाथ पार्टी ने पचास साल पहले जिस तरह सत्ता पर कब्ज़ा किया था और इस उपन्यास में जिस तरह का ज़िक्र है, उसमें बहुत समानताएँ हैं.
अख़बार मानता है कि परिस्थितियाँ एक बार फिर वैसी ही हैं. |
|
|
|