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शुक्रवार, 06 जून, 2003 को 13:14 GMT तक के समाचार परमाणु विशेषज्ञ बग़दाद पहुँचे
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तुवैथा परमाणु संस्थान में सैनिक पहुँचे तो देर हो चुकी थी
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इराक़ युद्ध की समाप्ती के बाद वहाँ पहली बार संयुक्त राष्ट्र के परमाणु विशेषज्ञ पहुँचे हैं.
अगले दो सप्ताह तक ये विशेषज्ञ देश के सबसे बड़े परमाणु प्रतिष्ठान में हुई लूट की जाँच करेंगे.
 बरादेई को रेडियोधर्मिता की चिंता | इराक़ युद्ध के दौरान तुवैथा नाम के इस प्रतिष्ठान के पहरेदार ग़ायब हो गए और वहाँ लुटेरे घुस आए.
जब तक अमरीकी फ़ौज वहाँ पहुँची तब तक यूरेनियम के कई बैरल चोरी हो चुके थे.
भागते-भागते लुटेरे ने कुछ रेडियोधर्मी तत्व ज़मीन पर गिरा दिए जिससे इस क्षेत्र में रेडियोधर्मिता फ़ैलने का ख़तरा है.
अंतरराष्ट्रीय परमाणु उर्जा एजेंसी के प्रमुख मोहम्मद अलबारादेई ने हाल ही में अमरीका को एक चिठ्ठी में ऐसी चिंता ज़ाहिर की थी.
यूरेनियम में रुचि नहीं
तुवैथा इराक़ की राजधानी बग़दाद के दक्षिण में स्थित है.
एक समय यहाँ कड़ी सुरक्षा रहा करती थी लेकिन युद्ध के दौरान इस परमाणु प्रतिष्ठान के पहरेदार अचानक ग़ायब हो गए.
बीबीसी के संवाददाताओं का कहना है कि इस प्रतिष्ठान को लूटने वाले लोगों को यूरेनियम में कोई रुचि नहीं थी.
उनकी रुचि उन बर्तनों और डब्बों में थी जिनमें यूरेनियम भरा हुआ था. वे उसमें पानी और खाने का सामान रखना चाहते थे.
जिन लोगों ने ये बर्तन चुराए उनमें से कई लोगों की तबियत ख़राब हो गई.
उनकी नाक से खून बहने लगा, उल्टियाँ होने लगीं, त्वचा के रोग हो गए और सांस लेने में दिक्कत होने लगी.
प्रतिष्ठान के पास रहने वाले कर्मचारियों डर गए और उन्होंने यूरेनियम को ज़मीन में गाड़ दिया और ऊपर से सीमेंट लगा दिया.
कर्मचारियों ने ही मदद की गुहार लगाई और पत्रकारों से कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय सहायता उपलब्ध कराएँ.
सीमित क्षेत्रों
लेकिन बग़दाद पहुँचे संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों को अमरीका ने सीमित क्षेत्रों में जाने की ही अनुमति दी है.
वे स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दे पाएंगे.
तुवैथा में काम कर चुके वैज्ञानिकों का कहना है कि यूरेनियम के अलावा वहाँ चार ऐसी सामग्रियाँ थीं जिनसे रेडियो धर्मिता फ़ैल सकती है.
इन वैज्ञानिकों को अनुसार ये सब सामग्रियाँ तुवैथा से ग़ायब हैं. |
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