|
|
 |
शनिवार, 07 जून, 2003 को 01:01 GMT तक के समाचार ख़ुफ़िया रिपोर्ट पर विवाद
|

इराक़ में ऐसी सचल प्रयोगशालाएँ ज़रूर मिली हैं
|
इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियारों को लेकर चल रहे विवाद में एक नया मोड़ आ गया है.
अमरीकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन की एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट में अमरीका और सहयोगी देशों के इस दावे पर संदेह व्यक्त किया गया है कि इराक़ के पास सामूहिक विनाश के हथियार थे.
लीक हुई यह रिपोर्ट सितंबर 2002 की है, जिसमें कहा गया है कि इसके कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं कि इराक़ के पास जैविक और रासायनिक हथियार हैं.
माना जा रहा है कि उस समय बुश प्रशासन के अधिकारियों के पास यह रिपोर्ट भेजी गई थी, क्योंकि उस समय इराक़ पर सैनिक कार्रवाई की भूमिका बन रही थी.
लेकिन पेंटागन के अधिकारियों ने कहा है कि इस रिपोर्ट का कोई ग़लत मतलब नहीं निकालना चाहिए.
इस बीच संयुक्त राष्ट्र हथियार निरीक्षकों की एक टीम बग़दाद पहुँच गई है.
लेकिन उनका काम इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियार ढूंढना नहीं, बल्कि इराक़ के मुख्य परमाणु रिएक्टर में हुई लूटपाट की जाँच करना है.
दावा
बीबीसी के पेंटागन संवाददाता निक चाइल्ड्स ने कहा है कि रक्षा ख़ुफ़िया एजेंसी (डीआईए) की रिपोर्ट से इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियारों को लेकर पहले से चल रहे विवाद को और हवा मिलेगी.
 पेंटागन का कहना है कि समय के साथ सब साबित हो जाएगा | हालाँकि अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि सामूहिक विनाश के हथियारों को लेकर उनका दावा समय के साथ साबित हो जाएगा.
डीआईए के निदेशक वाइस एडमिरल लॉवेल जैकोबी ने कहा है कि इस रिपोर्ट का सिर्फ़ यही मतलब था कि एजेंसी को उस समय तक इराक़ के हथियार ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं मिल पायी थी.
उन्होंने कहा कि लीक हुई रिपोर्ट से यह मतलब नहीं निकालना चाहिए कि एजेंसी को इराक़ में प्रतिबंधित हथियार कार्यक्रम पर संदेह था.
जैकोबी पेंटागन के ख़ुफ़िया प्रमुख स्टीफ़ेन कैंबोन और रिपब्लिकन सेनेटर जॉन वॉर्नर के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे.
सेनेटर वॉर्नर ने अमरीकी जनता से अपील की कि वे प्रशासन के दावे पर भरोसा करें.
पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि डीआईए की 80 पृष्ठ की पूरी रिपोर्ट में इस दावे के समर्थन में कई जानकारियाँ हैं कि इराक़ के पास सामूहिक विनाश के हथियार थे.
ब्रिटेन में भी इराक़ में सामूहिक विनाश के हथियारों पर एक ख़ुफ़िया रिपोर्ट से कथित छेड़छाड़ के मामले पर ब्लेयर सरकार को सफाई देनी पड़ रही है.
इराक़ में सैनिक कार्रवाई को क़रीब दो महीने हो गए हैं, लेकिन अभी तक वहाँ कोई सामूहिक विनाश के हथियार नहीं मिले हैं.
यहाँ दो सचल प्रयोगशालाओं का पता चला है, लेकिन अभी तक प्रतिबंधित हथियार कार्यक्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. |
|
|
|