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गुरुवार, 05 जून, 2003 को 21:52 GMT तक के समाचार ब्लिक्स की अंतिम रिपोर्ट
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ब्लिक्स का भाषण निरीक्षण जारी रखने के पक्ष में प्रतीत हुआ
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संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख हथियार निरीक्षक हांस ब्लिक्स ने कहा है कि इराक़ में महाविनाश के हथियार होने के कोई सबूत नहीं मिले.
सेवानिवृत्त होने से पहले सुरक्षा परिषद को आख़िरी बार संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इराक़ के हथियारों के बारे में बहुत से सवालों के जवाब नहीं मिले हैं.
हांस ब्लिक्स का कहना था, "इसका यह अर्थ नहीं है कि जो नहीं मिला वो इराक़ में मौजूद ही न हो. यह निर्णय करना कि चूंकि कुछ चीज़ें नहीं मिली इसका मतलब है वो छिपा कर रखी गई हैं - यह भी ग़लत होगा.
इसका यह अर्थ नहीं है कि जो नहीं मिला वो इराक़ में मौजूद ही ना हो. यह निर्णय करना कि चूंकि कुछ चीज़ें नहीं मिली इसका मतलब है वो छिपा कर रखी गई हैं - यह भी ग़लत होगा | | हांस ब्लिक्स | उधर अमरीका और ब्रिटेन की सरकारों के खंडन के बावजूद आरोप लग रहे हैं कि दोनो सरकारों ने गुप्तचर एजेंसियों पर दबाव डाला कि वे सद्दाम हुसैन की सरकार के हथियार कार्यक्रम के बारे में सख़्त रिपोर्टें दे ताकि लड़ाई के सबूत पुख़्ता किए जा सकें.
निर्णायक उत्तर में देर
संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख हथियार निरीक्षक हांस ब्लिक्स को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इराक़ के महाविनाश के हथियारों के सबूतों के बारे में परिषद को बताने के लिए बुलाया गया था.
उन्होंने इराक़ में युद्ध से तीन महीने पहले तक हुए हथियार निरीक्षण के बारे में जानकारी दी.
उन्होंने सुरक्षा परिषद में कहा कि इराक़ अवैध हथियार कार्यक्रम चला रहा था या नहीं इस बारे में निर्णायक उत्तर मिलने में शायद समय लगे.
मगर उन्होंने आशा व्यक्त की कि इराक़ में बदले हुए माहौल में हो सकता है कुछ महत्वपूर्ण गवाह बिना डरे वो जानकारी दे पाएँगे जो उनके पास है.
हांस ब्लिक्स के भाषण से ऐसा लगा कि वो चाहते हैं कि इराक़ में संयुक्त राष्ट्र के हथियार निरीक्षकों की भूमिका और काम जारी रहे.
गुप्तचर एजेंसियों पर दबाव
उधर अमरीकी विदेश मंत्रालय में एक वरिष्ठ गुप्तचर अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि इराक़ में महाविनाश के हथियारों के बारे में सबूतों को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया.
ब्रितानी गुप्तचर एजेंसियों के एक करीबी सूत्र ने बीबीसी को बताया कि ब्रितानी सरकार के पिछली सितंबर में इराक़ के हथियारों के बारे में छापे दस्तावेज़ छह बार गुप्तचर समिति को वापस भेजे गए थे ताकि उनमें बदलाव किए जा सकें.
लेकिन प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने संसद में कहा कि किसी मंत्री या अधिकारी ने गुप्तचर समिति के फ़ैसलों पर अपनी राय थोपने की कोशिश नहीं की.
उन्होंने इस बात का भी खंडन किया कि उनके कहने पर दस्तावेज़ में एक वाक्य शामिल किया गया था जिसमें कहा गया था कि इराक़ आदेश मिलने के 45 मिनट के भीतर जैविक और रासायनिक हथियार चलाने के लिए लगा सकता है. |
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