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बुधवार, 04 जून, 2003 को 04:01 GMT तक के समाचार ब्रिटेन में भी जाँच होगी
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ब्लेयर इराक़ मुद्दे पर आलोचना का सामना कर रहे हैं
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अमरीकी संसद की तरह ब्रिटेन की संसद भी मार्च में इराक़ पर हमले में शामिल होने के सरकार के फ़ैसले की जांच करेगी.
ब्रितानी संसद की विदेशी मामलों की समिति का कहना है कि वह इन आरोपों की जांच करेगी कि ख़ुफ़िया एजेसियों ने इराक़ में महाविनाश के हथियारों के बारे में जो सूचनाएं दी थीं, सरकार ने किस तरह उन्हें बढ़ा चढ़ा कर पेश किया और इराक़ पर हमले का माहौल बनाया.
 ब्लेयर आश्वस्त दिखते हैं |
ग़ौरतलब है कि अमरीकी संसद ने मंगलवार को घोषणा की थी कि वह इराक़ में महाविनाश के बारे में उन ख़ुफ़िया सूचनाओं की जांच करेगी जिनके आधार पर इराक़ पर हमला करने का फ़ैसला लिया गया.
सीनेट की सैन्य सेवा और ख़ुफिया विभाग की समितियाँ भी इस मामले की जाँच में संयुक्त रुप से सुनवाई करने की योजना बना रही है.
इस सुनवाई के दौरान बुश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी.
इनमें प्रतिरक्षा मंत्री डोनाल्ड रम्सफ़ेल्ड और ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए के प्रमुख जॉर्ज टेनेट भी शामिल हैं.
दूसरी ओर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से इसी मुद्दे पर बुधवार को संसद में सवाल जवाब किए जाएंगे.
ख़ुद उनकी लेबर पार्टी के सदस्य इस मामले को लेकर सरकार की खुल कर आलोचना कर रहे हैं.
नाराज़गी
लेकिन टोनी ब्लेयर का कहना है कि उन्होंने सद्दाम हुसैन सरकार के पास महाविनाश के हथियारों के बारे में कोई ग़लतबयानी नहीं की थी और बक़ौल उनके जल्द ही इस बारे में सबूत भी मिल जाएंगें.
उन्होंने इस तरह के आरोपों पर ग़ुस्सा और नाराज़गी जताई है कि उन्होंने इराक़ पर हमले को जायज़ ठहराने के लिए ख़ुफ़िया सूचनाओं को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया.
लेकिन सत्तारुढ़ लेबर पार्टी के प्रमुख जॉन रीड ने अब एक क़दम आगे जाते हुए ख़ुफ़िया और रक्षा सूत्रों पर ही यह इल्ज़ाम लगा दिया है कि वे जानबूझकर प्रधानमंत्री को नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. |
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