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बुधवार, 04 जून, 2003 को 18:47 GMT तक के समाचार फ़लस्तीनी चरमपंथी अड़े
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हमास के अनुसार इस वार्ता से प्रधानमंत्री शेरॉन को फ़ायदा होगा
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अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के साथ इसराइली और फ़लस्तीनी पक्षों की बातचीत के बात भी फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों ने इसराइलियों पर हमले बंद करने से साफ़ इनकार कर दिया है.
फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री अबू माज़ेन ने हमास और अन्य फ़लस्तीनी चरमपंथी संगठनों से अपील की थी कि वे अपनी हिंसक कार्रवाई बंद करें.
राष्ट्रपति बुश के साथ शिखर वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री अबू माज़ेन ने वादा किया था कि फ़लस्तीनी चरमपंथी गुटों की गतिविधियों पर रोक लगाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा.
मध्यपूर्व के 'रोड मैप' के अनुसार वहाँ शांति स्थापित करने के लिए फ़लस्तीनी प्रशासन यह करने के लिए प्रतिबद्ध है.
उधर इसराइल के कब्ज़े वाले क्षेत्र में बसाए गए यहूदियों के एक प्रमुख संगठन येशा काउँसिल ने कहा है कि इसारइल के कब्ज़े वाले इलाकों को फ़लस्तीनियों को नहीं लौटाया जाएगा.
 हमास नेता रनटीसी ने कहा लड़ाई जारी रहेगी | मध्यपूर्व में 1967 के युद्ध के बाद इसारइल के कब्ज़े वाले इलाकों में लगभग दो लाख यहूदियों को जिनीवा संधि का उल्लंघन करते हुए वहाँ बसाया गया है.
कट्टरपंथी अड़े
प्रधानमंत्री अबू माज़िन ने अपील की थी कि चरमपंथी संगठन सशस्त्र 'इंतिफ़ादा' बंद करें.
लेकिन सबसे प्रमुख फ़लस्तीनी गुट हमास ने पूरी शांति प्रक्रिया में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है.
हमास के वरिष्ठ नेता अब्दुल अज़ीज़ रनटीसी ने कहा कि फ़लस्तीनियों को अपनी लड़ाई जारी रखनी होगी वर्ना वे अपनी भूमि खो देंगे.
उन्होंने यह कहते हुए शिखर वार्ता को ख़ारिज कर दिया कि इससे फ़ायदा केवल इसराइली प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन को ही होगा.
इसके बाद प्रधानमंत्री अबू माज़िन का काम और मुश्किल हो गया है.
उधर यहूदियों के प्रमुख गुट येशा काउँसिल ने भी कब्ज़े वाले इलाकों को फ़लस्तीनियों को लौटाए जाने की बात पर सख़्त एतराज़ जताया है.
इसराइल कब्ज़ों वाले इलाक़ों की बस्तियों के बारे में उनको कई अलग-अलग श्रेणियों में रखने की बात करता है लेकिन फ़लस्तीनी यह नहीं मानते और पूरे कब्ज़े वाले क्षेत्र में फ़लस्तीनी राष्ट्र बनाए जाने की माँग कर रहे हैं.
सकारात्मक आसार
बीबीसी संवाददाता जोन लेन के अनुसार शिखर वार्ता में भाग ले रहे फ़लस्तीनी तो बैठक के फ़ैसलों से ख़ुश नज़र आए चाहे उन्हें वो सब कुछ नहीं मिला जो वे चाहते थे.
'रोड मैप' में इसका ज़िक्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन ने फ़लस्तीनी राष्ट्र की बात करते हुए 'स्वतंत्र' और 'प्रभुसत्ता' जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया.
लेकिन प्रधानमंत्री शेरॉन ने फलस्तीनी राष्ट्र की बात ही की, यह भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
शेरॉन ने बिना अनुमति के बनाई गई इसराइलियों की बस्तियों के हटाए जाने की माँग पर भी सकारात्मक संकेत दिए.
लेकिन मध्यपूर्व में शांति बनने के सबसे सकारात्मक माने जाने वाले संकेत ये हैं कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने कहा है कि विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल और राष्ट्रपति की सुरक्षा सलाहकार कॉंडोलीज़ा राइस शांति प्रक्रिया के साथ जुड़े रहेंगे. |
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