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शुक्रवार, 18 अप्रैल, 2003 को 13:52 GMT तक के समाचार विरासत बचाने की कोशिश
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संग्रहालय को भी नहीं छोड़ा लूटने वालों ने
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संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को ने अमरीका और ब्रिटेन से कहा है कि वे इराक़ की सांस्क़तिक विरासत को बचाने के इंतज़ाम करें.
यूनेस्को के प्रमुख कोइशिरो मत्सुरा ने दोनों देशों से कहा है कि वे इराक़ में सांस्कृतिक धरोहरों और संस्थाओं की सुरक्षा के लिए ''विरासत-रक्षा पुलिस फ़ोर्स'' की स्थापना भी करें.
पेरिस में आयोजित यूनेस्को की बैठक में दुनिया भर के विशेषज्ञ इस बात पर चर्चा कर रहे हैं कि इराक़ पर हमले के दौरान लूट लिए गए हज़ारों इराक़ी धरोहर को किस तरह वापस लापर उसकी रक्षा की जाए.
इस बैठक में इराक़ में कलात्मक और ऐतिहासिक महत्व की वस्तुओं की बिक्री पर रोक लगाने की भी चर्चा होनी है.
उल्लेखनीय है कि हमले के बाद जब सद्दाम हुसैन की सत्ता का पतन हो गया तब पूरे इराक़ में लूटमार शुरु हो गई थी.
इस लूट में अधिकांश शासकीय भवनों का निशाना बनाया गया.
अवशेष
यहाँ तक कि देश के संग्रहालय को भी लूट लिया गया जिसमें मेसोपोटामिया और अन्य पुरानी सभ्यताओं के अद्वितीय अवशेष भी रखे हुए थे.
इनमें हज़ारों साल पहले आदमी के हाथ के लिखे शुरूआती शब्दों के प्रमाण हैं वो बर्तन जिनमें ईसा मसीह के जन्म से तीन हज़ार वर्ष पहले लोगों ने खाना खाया होगा या फिर वो औज़ार हैं जो किसी मशीन की कल्पना से हज़ारों वर्ष पहले के हैं.
इराक़ मामलों के यूनेस्को के प्रभारी डॉक्टर कॉलिन कैसर ने बीबीसी संवाददाता को बताया कि अभी तक लगभग एक लाख 70 हज़ार कलाकृतियों की सूची संग्रहालयों के प्रमुखों ने दी है. लेकिन नुक़सान इससे कहीं अधिक हो सकता है
उन्होंने बताया कि इससे पहले सांस्कृतिक धरोहरों की तबाही इतने बड़े पैमाने पर कभी नहीं हुई. |
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