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गुरुवार, 10 अप्रैल, 2003 को 01:03 GMT तक के समाचार वृद्धि दर पर मुद्रा कोष चिंतित
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दुनिया की आर्थिक वृद्धि दर कम होने की चेतावनी
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अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने विश्व की आर्थिक स्थिति के बारे में अपनी भविष्यवाणी में कहा है कि दुनिया को सामान्य से कम स्तर की वृद्धि का एक और साल का सामना करना पड़ेगा.
मुद्रा कोष ने वर्ष 2003 की आर्थिक वृद्धि के लिए अपनी भविष्यवाणी की समीक्षा में ये दर और नीची होने की बात कही है.
उसका कहना है कि विश्व स्तर पर आर्थिक वृद्धि की जो दर चल रही है उसे देखते हुए नहीं लगता कि अचानक ये दर उठकर कोई मज़बूत स्थिति पा लेगी.
मुद्रा कोष ने वर्ष 2003 की वृद्धि दर पहले की भविष्यवाणी से 0.5प्रतिशत कम करते हुए 3.2 प्रतिशत का आंकड़ा रखा है.इसके अलावा अगले वर्ष के लिए ये दर 4.1 प्रतिशत रहने की संभावना जताई जा रही है.
आईएमएफ के मुख्य अर्थशास्त्री केनेथ रोगॉफ ने बीबीसी को बताया कि युद्ध से उपभोक्ता और व्यापार का विश्वास डिगा है.
इसके अलावा शेयर बाज़ारों के लुढ़कने से जो असर हुआ वह विश्व अर्थव्यवस्था को अब भी प्रभावित कर रहा है.
दीर्घकालिक प्रभाव
रोगॉफ ने ये भी चेतावनी दी कि दुनिया में सुरक्षा की अनिश्चितता होने पर विश्व अर्थव्यवस्था को कुछ दीर्घकालिक खतरे हो सकते हैं.
 रोगॉफ ने कई चेतावनियाँ दी हैं | उन्होंने कहा कि इंश्योरेंस की ऊंची क़ीमतों और विश्व व्यापार में गिरावट की वजह से विश्व स्तर पर औसत वृद्धि दर तक़रीबन 0.25प्रतिशत तक गिर सकती है.
उनका कहना है कि दुनिया में 11 सितम्बर की घटना के बाद से सुरक्षा की चिंताओं से व्यापार निवेश पर प्रभाव पड़ सकता है.
रोगॉफ ने अमरीकी बजट घाटे पर भी चिंता जाहिर की है.उन्होंने करों में 726 अरब डॉलर की कटौती के बुश प्रशासन के प्रस्ताव को ग़लत समय पर लाया हुआ बताया क्योंकि इराक़ और कुछ अन्य जगहों पर पुनर्निर्माण भी अमरीका के सामने है.
आईएमएफ ने वर्ष 2003 के लिए अमरीका की वृद्धि दर में 2.2 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान व्यक्त किया है.
यूरोप पर भी चिंता
आईएमएफ ने यूरोप के बारे में भी चिंता व्यक्त की है.रोगॉफ ने यूरोपीय केंद्रीय बैंक की भी यह कहते हुए आलोचना की है कि इसे ब्याज दर में कटौती करनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि जर्मनी में ढांचागत सुधार करने की ज़रूरत है जिससे श्रम और उत्पाद बाज़ार में सुधार हो और इससे वृद्धि दर भी कुछ बढ़ सकती है.
रोगॉफ ने बैंक ऑफ इंग्लैंड की पारदर्शिता और मुद्रा स्फीति रोकने में प्रभावी भूमिका के लिए प्रशंसा की.
इराक़ का पुनर्निर्माण
आईएमएफ का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने कहा तो वो इराक़ के पुनर्निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
रोगॉफ ने कहा कि मुद्रा कोष के पास पुनर्निर्माण का बहुत अनुभव है.
उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती मुद्रा में विश्वास क़ायम करने की होगी जो कि युद्ध की वजह से पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है. |
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