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मंगलवार, 25 मार्च, 2003 को 12:45 GMT तक के समाचार टीम का गर्मजोशी से स्वागत
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सबसे ज़ोरदार स्वागत हुआ 'मैन ऑफ़ द टूर्नामेंट' सचिन का
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भारतीय टीम के खिलाड़ियों का मंगलवार को स्वदेश पहुँचने पर 'भारत माता की जय' के नारों के साथ स्वागत हुआ.
दक्षिण अफ़्रीका से मुंबई हवाई अड्डे पहुँचने पर सौरभ गांगुली और उनकी टीम के दस खिलाड़ियों का स्वागत हार पहनाकर और ग़ुलाब की पंखुड़ियाँ बिखेरकर किया गया.
खिलाड़ी मायूस नज़र आ रहे थे लेकिन अगर उन्हें क्रिकेट प्रेमियों के ग़ुस्से की आशंका थी भी तो वो कुछ ही देर में दूर हो गई.
सौरभ गांगुली ने टीम को अच्छा नेतृत्व प्रदान किया और खिलाड़ियों ने भी विश्वकप में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. | | जगमोहन डालमिया, अध्यक्ष बीसीसीआई | माहौल में कुछ तनाव ज़रूर था - लगा कि लोग अब भी वर्ल्ड कप के फ़ाइनल की हार से उबर नहीं पाए हैं.
लेकिन फिर भी हवाईअड्डे पर इकट्ठा लोगों के बीच एक ललक थी क्रिकेट खिलाड़ियों की एक झलक पाने की.
जहाँ कुछ लोगों का कहना था कि भारत फ़ाइनल में पहुँचा वही बड़ी बात थी.
कुछ को इस बात का सुकून था कि भारत ने पाकिस्तान टीम के गेंदबाज़ों को करारा जवाब तो दिया ही, मैच भी शानदार तरीके से जीता.
कप्तान सौरभ गांगुली ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा,"हम उस एक दिन अच्छा नहीं खेल पाए और वर्ल्ड कप जीतने के हमारे सपने टूट गए."
भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने सौरभ गांगुली और भारतीय टीम की प्रशंसा करते हुए कहा,"फ़ाइनल में हम ऑस्ट्रेलिया से हार गए, वो दिन हमारे लिए ख़राब रहा - इसमें कोई शक नहीं, लेकिन सौरभ गांगुली ने टीम को अच्छा नेतृत्व प्रदान किया और खिलाड़ियों ने भी विश्व कप में अपनी पूरी ताकत झोंक दी. मैं टीम के प्रदर्शन से खुश हूँ." |
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