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शुक्रवार, 15 नवंबर, 2002 को 00:09 GMT तक के समाचार अर्जेंटीना को कर्ज़ पर रोक
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आईएमएफ़ से कर्ज़ लेकर विश्व बैंक का कर्ज़ चुकाने की कोशिश
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विश्व बैंक ने कहा है कि अर्जेंटीना गुरूवार को अपने कर्ज़ की 80 करोड़ डॉलर की किस्त नहीं दे पाया.
विश्व बैंक ने एक विज्ञप्ति में कहा," विश्व बैंक इस बात की पुष्टि करता है कि अर्जेंटीना ने हमें 80.5 करोड़ डॉलर की किस्त में से 7.92 करोड़ की आंशिक अदायगी कर दी है."
अर्थशास्त्री कहते हैं कि अर्जेंटीना को विश्व बैंक का कर्ज़ समय पर न देने के गंभीर नतीजे भुगतने पड़ सकते हैं.
बैंक के अधिकारी से जब पूछा गया कि इसके क्या परिणाम हो सकते हैं तो उनका कहना था कि इसका अर्जेंटीना की कर्ज़ लेने की स्थिति पर सीधा असर कर्ज़ पर पड़ेगा.
 वित्त मंत्री आईएमएफ़ से बातचीत कर रहे हैं | उन्होंने कहा कि विश्व बैंक अब अर्जेंटीना को नया कर्ज़ नहीं देगा.
साथ ही अगर बची हुई रक़म अर्जेंटीना ने 30 दिन के अंदर नहीं भरी तो उसको वर्तमान कर्ज़ की अगली किस्त मिलना भी बंद हो जाएगी.
वॉशिंगटन में अर्जेंटीना के वित्त मंत्री इस कोशिश में थे कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, आईएमएफ़ कुछ कर्ज़ दे दे.
लेकिन विश्व बैंक की किस्त की अदायगी के पहले यह नहीं हो पाया.
आईएमएफ़
आईएमएफ़ के साथ बातचीत अभी जारी है.
अर्जेंटीना के वित्त मंत्री रॉबर्टो लावाग्ना पहले ही कह चुके थे कि जब तक आईएमएफ़ के साथ समझौता नहीं हो जाता तब तक वे विश्व बैंक को कर्ज़ की असल रक़म नहीं दे पाएँगे.
उन्होंने कहा कि तब तक अर्जेंटीना कर्ज़ का ब्याज़ ही देगा.
अर्जेंटीना को आशा है कि आईएमएफ़ जल्द ही उसे मदद देने को तैयार हो जाएगा.
पिछले साल अर्जेंटीना आईएमएफ़ का निजी अंतरराष्ट्रीय कर्ज़ चुकाने में नाकाम रहा था.
तभी से आईएमएफ़ ने अर्जेंटीना को कर्ज़ देना बंद कर दिया था.
अर्थशास्त्रियों का कहना है कि कर्ज़ समय पर अदा न करने से अर्जेंटीना को मिलने वाली मानवीय सहायता और किसी भी दूसरे कर्ज़ के रास्ते भी बंद हो सकते हैं.
लेकिन कुछ और अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अर्जेंटीना की ख़राब स्थिति का पता अब पूरी दुनिया को है और उसकी स्थिति और ख़राब नहीं हो सकती.
साथ ही आस-पास के देशों से अर्जेंटीना की स्थिति इतनी ख़राब है कि उनको उसके कर्ज़ अदा न करने से कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा.
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