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मंगलवार, 05 नवंबर, 2002 को 20:51 GMT तक के समाचार 'ओपन डोर पॉलिसी'
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चीन दुनिया की एक ताकतवर अर्थव्यवस्था
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डेंग शियाओ पिंग ने सन् 1978 के दिसंबर महीने में ओपन डोर पॉलिसी यानी खुला द्वार नीति की घोषणा कर चीन की अर्थव्यवस्था में परिवर्तन का दौर शुरू कर दिया.
इससे पहले व्यापार में प्रमुख रूप से चीन का मित्र देश सोवियत संघ था.
डेंग ने महसूस किया कि चीन को पश्चिमी तकनीक और निवेश की आवश्यकता है और इसीलिए सरकार ने उन विदेशी व्यापारों के लिए अपना दरवाज़ा खोल दिया जो कि चीन में अपनी दुकान खोलना चाहते थे.
धनी होना गौरवपूर्ण होता है | | डेंग शियाओ पिंग | सबसे पहले विदेशी निवेश और व्यापार को आकर्षित करने के लिए दक्षिणी चीन में चार विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाए गए.
ज़्यादातर निवेश हांगकांग और ताईवान जैसी जगहों में किया गया.
घरेलू कृषि सुधार योजनाओं के साथ इन सभी परिवर्तनों ने चीन की अर्थव्यवस्था को काफ़ी मज़बूती दी.
1980 के दशक के शुरूआती सालों में चीन की अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में उभरी.
हालाँकि आँकड़ों को लेकर विवाद हमेशा ही बना रहा.
सन् 2001 में चीन विश्व व्यापार संगठन में शामिल हो गया.
चीन को आशा है कि इससे देश की अर्थव्यवस्था फलती-फूलती रहेगी. |
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