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शनिवार, 02 नवंबर, 2002 को 00:38 GMT तक के समाचार एक और 'लालफीता' कटा
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विरोधी कहते हैं नायडू को किसानों से ज़्यादा कंप्यूटरों की पड़ी है
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दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश ने सभी स्थानीय सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध करवाने का फ़ैसला किया है ताकि दफ़्तरों में फ़ाइलों का ढेर न लगे और सभी काम ज़्यादा तेज़ और बेहतर ढंग से हो.
सरकारी दस्तावेज़ों को ऑनलाइन उपलब्ध करवाने के मक़सद से शुरू किए गए इस कार्यक्रम का नाम 'स्मार्टजीओवी' या दूसरे शब्दों में 'शानदार सरकार' रखा गया है.
 इंटरनेट का फ़ायदा मिलेगा जनता को? | इससे राज्य सरकार के सचिवालय में सभी फ़ाइलें कंप्यूटर पर आ जाएँगी और मुख्यमंत्री के लिए उनकी प्रगति पर नज़र रखना आसान होगा.
सरकार का कहना है कि अफ़सरशाही के कारण कई आसान काम भी मुश्किल हो जाते हैं. वैसे भी भारत में अफ़सरशाही की इस कारण काफ़ी आलोचना होती है.
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को कंप्यूटर तकनॉलॉजी से विशेष प्रेम है और उन्होंने राज्य में कई साल पहले हर जगह कंप्यूटर पहुँचाने का सिलसिला शुरू किया था.
लेकिन दो साल पहले राज्य में क़र्ज़ में फँसे किसानों ने बड़ी संख्या में आत्महत्या की थी, जिसके बाद मुख्यमंत्री के आलोचकों ने कहा था कि उन्हें किसानो से ज़्यादा कंप्यूटरों की परवाह है.
परियोजना
यह भारत में अपने तरह की पहली परियोजना है और इसे आंध्र प्रदेश सरकार टाटा कंसल्टंसी सर्विसेज़ की मदद से शुरू करने जा रही है.
बताया गया है कि इस परियोजना को तैयार करने में 55 लाख डॉलर की लागत से 15 महीने में तैयार किया गया.
परियोजना की शुरूआत करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि इससे प्रशासन और चुस्त दुरस्त होगा और उसमें जवाबदेही का भाव पैदा होगा.
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के तहत सरकारी दस्तावेज़ों की प्रगति पर नज़र रखी जा सकेगी.
उन्होंने यह भी घोषणा कि कि राज्य में सफल होने पर देश के दूसरे राज्यों को भी यह तकनीक दी जाएगी.
अधिकारियों ने कहा है कि इस तकनीक को भारतीय राज्य जम्मू कश्मीर, तमिलनाडु और राजस्थान में भी लागू किया जा सकता है.
रुचि
अधिकारियों के मुताबिक़ भारत ही नहीं श्रीलंका की सरकार भी इस तकनीक को अपनाना चाहती है.
सरकारी कामकाज में कंप्यूटर और सूचना तकनॉलॉजी का उपयोग शुरू करने वाला पहला राज्य आंध्र प्रदेश रहा है.
राज्य की जनसंख्या 7.6 करोड़ है और विशेषज्ञों का मानना है कि पूरी तरह कंप्यूटरीकरण होने में अब भी काफ़ी समय है.
सबसे बड़ी बात है कि कंप्यूटर तकनॉलॉजी के बावजूद राज्य में भ्रष्टाचार की समस्या काफ़ी गंभीर है और आलोचकों का कहना है कि इसके कारण प्रशासन कई बार एकदम लचर साबित होता है. |
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