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शनिवार, 06 जुलाई, 2002 को 04:45 GMT तक के समाचार हवाई सफ़र रेल से भी सस्ता
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भारत में घरेलू विमानसेवाओं में किराया कम करने की होड़
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भारत की दो बड़ी विमानसेवाओं- इंडियन एयरलाइंस और जेट एयरवेज़ में किरायों में कमी करने की होड़ लग गई है.
| जेट के किराए (रुपए) | दिल्ली-मुंबई: 3,920
दिल्ली-चेन्नई: 3,292
दिल्ली-कोलकाता: 2,860
दिल्ली-अहमदाबाद: 2,462 | दोनों ही विमानसेवाओं ने शुक्रवार रात को यात्री किरायों में भारी कमी करने की घोषणा की.
कई बड़े शहरों के बीच किराया इतना कम कर दिया गया है कि यह अब क़रीब-क़रीब रेल के ऊपरी दर्जे के किरायों के बराबर हो गया है.
इंडियन एयरलाइंस और जेट एयरवेज़ ने अगस्त से अक्तूबर के बीच किरायों में कमी की कई योजनाओं की घोषणा की है.
नए किरायों के लिए यात्रियों को अपनी यात्रा से कम से कम 21 दिन पहले टिकट बुक कराना होगा.
जहाँ जेट एयरवेज़ की "हर कोई उड़ान भर सकता है" योजना 37 क्षेत्रों में लागू होगी वहीं इंडियन एयरलाइंस की ऐपेक्स किराया योजना चालीस क्षेत्रों मे लागू की जाएगी.
नए किराए
जेट एयरवेज़ के नए किरायों में मुंबई से दिल्ली के बीच एक टिकट पहले के 6,095 के मुक़ाबले 3,920 रुपए का होगा.
जबकि इन्हीं शहरों के बीच राजधानी एक्सप्रेस के दो टियर एसी का टिकट 2,405 रुपए और प्रथम श्रेणी के एसी का किराया 4,180 रुपए है.
इसी तरह दिल्ली-चेन्नई के बीच किराया 3,292 रुपए कर दिया गया है जबकि राजधानी एक्सप्रेस में दो टियर एसी का किराया 3,335 रुपए है.
दिल्ली से कोलकाता जाने के लिए अब पहले के 6,925 रुपए के बजाए सिर्फ़ 2,860 रुपए ही देने होंगे. इसी तरह दिल्ली से अहमदाबाद का टिकट 4,780 रुपए के बजाए 2,462 रुपए होगा.
इंडियन एयरलाइंस ने तुरंत अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह भी किरायों में इसी तरह की मिलती-जुलती कमी करने जा रहा है.
एक तीसरी प्रमुख विमानसेवा सहारा एयरलाइंस पहले से ही यात्रियों को इसी तरह की लुभावनी योजना पेश कर चुकी है.
सहारा एयरलाइंस की एक योजना है सिक्सर जिसमें पच्चीस हज़ार रुपए में टिकट ख़रीद कर कोई भी व्यक्ति जुलाई से छह अलग-अलग जगहों के लिए छह टिकट ले सकता है.
इन दोनों विमानसेवाओं के बीच छिड़े युद्ध से न सिर्फ़ यात्रियों को खुशी होगी बल्कि पर्यटन के क्षेत्र में काम करने वाले लोग भी काफ़ी खुश नज़र आ रहे हैं. |
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