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गुरुवार, 27 जून, 2002 को 07:41 GMT तक के समाचार क्या है प्यार का फ़ार्मूला?
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प्यार की तलाश करता एक एक जोड़ा
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प्यार क्या है, इस सवाल के जवाब की शायर और कलाकार सदियों से तलाश करते आए हैं.
सैकड़ों दार्शनिकों ने अपना जीवन इसकी व्याख्या में गुज़ार दिया है.
क्या यह कामदेव का तीर है या फिर दिव्य नशा है ?
मैं यह बात साबित करना चाहता हूँ कि हम प्यार एक प्रक्रिया के तहत करते हैं | | प्रोफेसर एप्सटेन | लेकिन अब प्यार की व्याख्या के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं.
इसमें ये प्रयास किए जा रहे हैं कि प्यार को कैसे पैदा किया जाए.
ठीक उसी तरह जिस तरह कोई वाद्य यंत्र सीखा जाता है, लोगों के दिलों में प्यार की हिलोरें पैदा की जाएँ.
अमरीकी पत्रिका 'साइकॉलॉजी टुडे' के संपादक रोबर्ट एप्सटेन का कहना है कि उन्होंने एक ऐसी प्रक्रिया तैयार की है जिसमें छह महीनों में एक दूसरे के प्रति प्यार पैदा किया जा सकता है.
प्रोफेसर एप्सटेन कहते हैं," मैं यह बात साबित करना चाहता हूँ कि हम प्यार एक प्रक्रिया के तहत करते हैं."
उनका कहना है कि उद्देश्य यह है कि लोग एक दूसरे को जाने, एक दूसरे पर विश्वास करें और एक दूसरे को माफ़ करना सीखें यानी असलियत में एक दूसरे के प्यार में पड़ जाएँ.
नवीन प्रयोग
लेकिन दिक़्क़त यह है कि लोग आपस में एक दूसरे को समझने का प्रयास तब करते हैं तब तक देर हो चुकी होती है और शादी अथवा संबंध टूट चुका होता है.
लेकिन प्रोफसर एप्सटेन की बात से सभी लोग सहमत नहीं है.
जोड़े स्वर्ग में तय नहीं होते बल्कि यहीं पृथ्वी पर तय होते हैं | | प्रोफेसर कॉलिन बैल्कमोर | ऑक्सफर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कॉलिन बैल्कमोर का कहना है कि जब लोग अपना साथी चुनते हैं तो वे अनचाहे ही अपने बच्चों के पिता को चुनते हैं.
उनका तर्क है कि इसमें प्यार कहीं फिट नहीं होता.
प्रोफेसर बैल्कमोर का कहना है कि जोड़े स्वर्ग में तय नहीं होते बल्कि यहीं पृथ्वी पर तय होते हैं.
लेकिन प्रोफेसर एप्सटेन अपनी बात से हटने को तैयार नहीं है.
उनका कहना है कि ज्यादातर सफल शादियाँ तय की हुई होती हैं.
वे भारत का उदाहरण देते हैं कि वहाँ तय शादियाँ बेहद सफल होती हैं और तलाक़ की दर केवल एक प्रतिशत है.
उनका कहना है कि यहाँ लोग शादी के बाद प्यार करना सीखते हैं.
प्रोफेसर एप्सटेन चार बच्चों के पिता हैं और तलाक़शुदा हैं और उन्होंने प्यार के अपने प्रयोग के लिए एक विज्ञापन जारी कर दिया है.
अब सबकी निगाहें उनके प्रयोग, प्यार के फ़ॉर्मूले पर लगी हुई हैं. |
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