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मंगलवार, 28 मई, 2002 को 20:35 GMT तक के समाचार बुरे दिन भारतीय संगीत उद्योग के
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बॉलीवुड की फ़िल्मों में संगीत एक महत्वपूर्ण पक्ष रहता है
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मुंबई से संजीव श्रीवास्तव
कोई दस सालों तक सफलता से आगे बढ़ते रहने के बाद अब भारत के बीस करोड़ रुपए के संगीत उद्योग पर मंदी का ग्रहण लगा है.
मंदी के काले बादल दो साल से मंडराते रहे हैं और इस कारण कुछ बड़ी कंपनियों को तो अपना व्यवसाय तक बंद करना पड़ा है.
इस मंदी ने पूरे बॉलीवुड फ़िल्मोद्योग को प्रभावित किया क्योंकि संगीत भारतीय फ़िल्मों का एक अभिन्न हिस्सा होता है.
इसका सामना करने के लिए संगीत उद्योग ने सीडी और कैसेटों की कीमतों में कमी का रास्ता निकाला जिसका असर दिखने भी लगा है.
अच्छे दिन
नृत्य और संगीत व्यावसायिक भारतीय सिनेमा की जान कही जाती हैं. इन्हें फ़िल्मोद्योग की रीढ़ माना जाता रहा है.
पिछले साल तक बॉलीवुड की कई फ़िल्मों को बनाने की लागत केवल इन फ़िल्मों के संगीत के अधिकारों की बिक्री से ही निकल जाया करती थी, क्योंकि संगीत कंपनियों में सबसे अच्छे गानों के अधिकार के लिए तगड़ी प्रतिस्पर्धा हुआ करती थी.
कभी-कभी तो संगीतकारों को उस संगीत उद्योग मे भारी रकम मिलती थी जो हर साल बीस प्रतिशत की वृद्धि अर्जित कर रहा था.
लेकिन सुनहरे दिन अब अतीत की बातें बन चुके थे.
कारण
टिप्स म्युज़िक कंपनी के महाप्रबंधक रमेश तौरानी का कहना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने के कारण कीमतें बढ़ती गईं.
वो कहते हैं, 'दाम बढ़ते गए क्योंकि बहुराष्ट्रीय कंपनियां बाज़ार में आ गईं जो वो जो भी कीमत चाहें ले सकते हैं.'
रमेश तौरानी ने इंटरनेट के माध्यम से गानों की चोरी और उत्पादों का स्तर गिरने को भी संकट का कारण बताया.
उपाय

कुछ कंपनियों ने तो कीमतें घटाकर आधी कर दीं | भारत के जाने-माने म्युज़िक स्टोर प्लैनेट एम में हर सप्ताह लगभग पंद्गह हज़ार लोग आते हैं लेकिन सारे लोग ख़रीदारी नहीं करते.
और ये तब हो रहा है जब ज़्यादातर संगीत कंपनियों ने सीडी की कीमतों में दो सौ प्रतिशत तक की कमी कर दी है.
कैसेटों की कीमतें भी काफ़ी घट गईं औऱ कई कंपनियों ने तो अपनी कीमतें घटाकर आधी कर दीं.
लेकिन भारत भर में प्लैनेट एम के स्टोर चलानेवाले अजय मेहरा का कहना है कि बुरे दिन शायद अब दूर हो रहे हैं.
उनका कहना है कि पिछले दो महीने में कारोबार में सुधार आया है और ग्राहकों की भीड़ वापस आ रही है.
वे कहते हैं,'मुझे लगता है कि सारे प्रयासों के बाद संगीत क्षेत्र में बिक्री बढ़ेगी. '
मगर संगीत उद्योग की किस्मत वाकई पलटे इसके लिए ज़रुरी है कि संगीत का स्तर ऊँचा हो.
मगर लगता नहीं कि ऐसा हो रहा है. |
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इंटरनेट लिंक्स
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प्लैनेट बॉलीवुड |
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