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सोमवार, 13 मई, 2002 को 05:45 GMT तक के समाचार डाएन प्रेटी की मृत्यु
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डाएन के पति उनके अंतिम समय उनके साथ थे
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ब्रिटेन में मरने की इजाज़त मांग रही गंभीर रुप से बीमार महिला डाएन प्रेटी की मृत्यु हो गई
कुछ ही दिन पहले यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय ने उन्हें आत्महत्या करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
43-वर्षीय डाएन प्रेटी कई सालों से मोटर न्यूरॉन रोग से पीड़ित थीं और उनका शरीर गर्दन से नीचे लकवे का शिकार था.
उनके परिवार का कहना है कि दस दिन पूर्व उनको साँस लेने में तकलीफ़ होनी शुरू हो गई थी और शनिवार को अपने घर के क़रीब एक अस्पताल में उन्होने दम तोड़ दिया.
डाएन प्रेटी ने यूरोपीय मानवाधिकार अदालत में याचिका दायर कर इस बात की इजाज़त मांगी थी कि उन्हें अपने पति की सहायता से अपना जीवन ख़त्म करने की अनुमति दी जाए और यह भी कि इस काम के लिए उनके पति पर क़ानूनी कार्रवाई न की जाए.
 प्रेटी क़ानूनी लड़ाई हार गई थीं | स्ट्रॉसबर्ग में अपने आदेश में अदालत का कहना था कि ब्रितानी न्याय व्यवस्था ने पहले प्रेटी को अपनी जान लेने की अनुमति न देकर उनके मानवाधिकारों का हनन नही किया था.
यूरोपीय मानवाधिकार अदालत का दरवाज़ा खटखटाने से पहले प्रेटी ने तीन ब्रितानी अदालतों में अपील की थी.
फिर पिछल साल मार्च में वे अपना मामला यूरोपीय मानवाधिकार अदालत के सामने ले गईं.
ब्रिटेन के सार्वजनिक अभियोजन निदेशालय ने उनके पति को यह गारंटी देने से इनकार कर दिया था कि अगर वे अपनी पत्नी की आत्महत्या में मदद करेंगे तो उनके ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी.
उनका कहना है था कि स्वेच्छा से मरने का अधिकार न देना उन्हें अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार सहने के लिए मजबूर करना है.
जब उनके मामले की पहली बार सुनवाई हुई थी तब सरकारी वकीलों ने कहा कि मानवाधिकार संधि में किसी के हाथों अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार पर रोक तो लगाई गई है लेकिन इसे बीमारियों के मामले में लागू करना संभव नहीं लगता.
पिछले महीने स्ट्रॉसबर्ग में हुई सुनवाई में प्रेटी और उनके पति मौजूद थे. |
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