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गुरुवार, 25 अप्रैल, 2002 को 19:06 GMT तक के समाचार कहानी अंतरिक्ष दूरबीन की
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ब्रह्मांड की समझ में क्रांतिकारी परिवर्तन की स्रोत हबल दूरबीन
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हबल दूरबीन ने खगोल विज्ञान में क्रांतिकारी परिवर्तन लाते हुए ब्रह्मांड के बारे में हमारी समझ को बदल डाला है.
सृष्टि के आरंभ और उम्र के बारे में हबल ने अनेक नए तथ्यों से हमें अवगत कराया है. इसकी नवीनतम उपलब्धि ब्रह्मांड की उम्र के बारे में सबूत जुटाने की है.
हबल के सहारे खगोलविदों की एक टोली ने 7000 प्रकाश वर्ष दूर ऊर्जाहीन अवस्था की ओर बढ़ते प्राचीनतम माने जाने वाले तारों के एक समूह को खोज निकाला है. इन तारों के बुझते जाने की रफ़्तार के आधार पर ब्रह्मांड की उम्र 13 से 14 अरब वर्ष के बीच आँकी गई है.
इसके अतिरिक्त पिछले 12 वर्षों के दौरान इस दूरबीन ने सुदूरवर्ती अंतरिक्षीय पिंडों के हज़ारों आकर्षक चित्र भी उपलब्ध कराए हैं.
दूरबीनों की शुरूआत
क़रीब सौ साल पहले अमरीका में खगोलविदों ने रिफ़्लेक्टरों पर आधारित विशाल दूरबीनों का निर्माण आरंभ किया. उन दूरबीनों में से एक का माउंट विल्सन रिफ़्लेक्टर 100 ईंच आकार का था, जिसे उस समय की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धियों में से माना जा रहा था.
 हबल द्वारा जुटाए गए चित्रों में से एक: एक सुदूरवर्ती आकाशगंगा में विस्फोट | उस विशाल दूरबीन को एडविन हबल नामक खगोलविद ने स्थापित किया था, जिनके सम्मान में पहली अंतरिक्ष दूरबीन को हबल दूरबीन कहा गया.
अपनी दूरबीन के सहारे एडविन हबल ने साबित किया कि ब्रह्मांड का लगातार फैलाव हो रहा है. उनकी इस खोज को खगोल विज्ञान में हबल के नियम के नाम से जाना जाता है.
बाद में ब्रह्मांड की उम्र जानने की जिज्ञासा ने खगोलविदों को और बड़ी दूरबीनों के निर्माण के लिए प्रेरित किया और 200 ईंच आकार की रिफ़्लेक्टर युक्त दूरबीनें भी बनीं.
लेकिन उन्हें एक ऐसी दूरबीन चाहिए थी जो धरती के वायुमंडल के व्यवधानों से अप्रभावित रहा और इस तरह अंतरिक्ष दूरबीन की बात सामने आई.
लेकिन खगोलविदों का यह सपना 1990 में साकार हो सका, जब डिस्कवरी शटल ने हबल दूरबीन को अंतरिक्ष में पहुँचाया गया.
आरंभ
हालांकि खगोलविद एडविन हबल के सपनों को साकार करने वाली इस दूरबीन पर अमरीका में 1970 के दशक में ही काम शुरू हो चुका था.
 हबल दूरबीन की नियमित सर्विसिंग की व्यवस्था की गई है. | बाल्टिमोर, अमरीका के स्पेस टेलीस्कोप साइंस इंस्टीट्यूट में हबल दूरबीन का विकास किया गया.
अमरीकी अंतरिक्ष शटल चैलेंजर की दुर्घटना के बाद कुछ वर्षों के लिए थमे अंतरिक्ष ट्रैफ़िक ने हबल परियोजना को बाधित किया.
हबल अंतरिक्ष दूरबीन के कहीं विशाल आकार की परिकल्पना की गई थी, लेकिन अंतत: यह मात्र 96 ईंच आकार की परावर्तक सतह वाली दूरबीन साबित हुई.
लेकिन वायुमंडल से दूर अंतरिक्ष में होने के कारण हबल दूरबीन धरती पर उपलब्ध कहीं बड़ी दूरबीनों ज़्यादा प्रभावी साबित हो रही है.
हबल दूरबीन की आयु 20 वर्ष आँकी गई है, यानि हमें वर्ष 2010 तक इसकी सेवा उपलब्ध रहना लगभग तय है.
इसकी नियमित रूप से सर्विसिंग की जाती रही है. इसके लिए अमरीकी अंतरिक्ष संस्था नासा के अंतरिक्ष यानों के सहारे अंतरिक्षयात्रियों को हबल तक पहुँचाया जाता है.
इसकी धुँधली पड़ गई परावर्तक सतह को 1993 में बदला गया. सबसे ताज़ा मरम्मत मार्च 2002 में की गई है. वर्ष 2004 में इसकी एक बार फिर पूरी सर्विसिंग की जाएगी.
तकनीकी तथ्य
 क़रीब तीन करोड़ प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक आकाशगंगा हबल की नज़र में | नासा ने हबल दूरबीन को अंतरिक्ष में स्थापित करने में क़रीब ढाई अरब डॉलर ख़र्च किए हैं. इसकी एक सर्विसिंग पर लगभग 50 करोड़ डॉलर की लागत आती है.
धरती की सतह से 600 किलोमीटर ऊपर चक्कर लगा रही हबल 11 टन वज़न की है. धरती का एक चक्कर लगाने में इस क़रीब 100 मिनट लगते हैं.
इसकी लंबाई 13.2 मीटर और अधिकतम व्यास 4.2 मीटर है.
हबल दूरबीन प्रतिदिन 10 से 15 गिगाबाइट आँकड़े जुटाती है.
इसके द्वारा गए आँकड़ों के आधार पर 3000 से ज़्यादा अनुसंधान रिपोर्ट प्रकाशित किए जा चुके हैं. |
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