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12 जुलाई 2014 अतिम अपडेट 10:32 IST पर

बिमल रॉय की 105वीं जयंती के मौक़े पर पेश हैं उनकी कुछ चुनिंदा यादगार फ़िल्मों की तस्वीरें.
किशोर कुमार
12 जुलाई फ़िल्मकार बिमल रॉय की 105वीं जयंती है. मुंबई में एक प्रदर्शनी में उनकी फ़िल्मों की तस्वीरें लगाई गईं. ये तस्वीर है 1958 में आई फ़िल्म 'नौकरी' की. इसमें बिमल रॉय ने पहली बार किशोर कुमार को साइन किया था.
'दो बीघा ज़मीन'
फ्रांस में होने वाले कान फ़िल्म समारोह में बिमल रॉय की फिल्म 'दो बीघा ज़मीन' को पुरस्कार मिला था. फ़िल्म के इस दृश्य में बाल कलाकार रतन कुमार और अभिनेत्री नूर नज़र आ रही हैं.
 'देवदास'
1955 में आई बिमल रॉय की सुपरहिट फ़िल्म 'देवदास' का पोस्टर. इसमें दिलीप कुमार, वैजयंती माला और सुचित्रा सेन की मुख्य भूमिका थी. दिलीप कुमार के निभाए इस चरित्र को आज भी हिंदी सिनेमा की बेहतरीन परफ़ॉर्मेंस में एक माना जाता है.
 'देवदास'
'देवदास' के एक दृश्य में सुचित्रा सेन. सुचित्रा ने फ़िल्म में पार्वती यानी पारो का किरदार निभाया था.
'सुजाता'
नूतन अभिनीत बिमल रॉय की फ़िल्म 'सुजाता' का पोस्टर. नूतन के साथ उन्होंने बेहद चर्चित फ़िल्म 'बंदिनी' भी बनाई. नूतन उनकी पसंदीदा अभिनेत्री थीं.
'दो बीघा ज़मीन'
फ़िल्म 'दो बीघा ज़मीन' के एक पोस्टर को कुछ यूं बनाया गया था. बलराज साहनी अभिनीत इस फ़िल्म में कर्ज़ से दबे एक किसान की व्यथा दिखाई गई है.
 बिमल रॉय के कपड़े
प्रदर्शनी में बिमल रॉय के कपड़े भी रखे गए हैं. उनकी बेटी रिंकी भट्टाचार्य बताती हैं कि उनके पिता का रहन-सहन, बात करने का ढंग और कपड़े पहनने का स्टाइल पूरी तरह से बंगाली था.
बिमल रॉय की फ़िल्मों की हीरोइनों के लिबास
प्रदर्शनी में रखे बिमल रॉय की फ़िल्मों की हीरोइनों के लिबास.
बिमल रॉय का फ़िल्मी कैमरा
बिमल रॉय निर्देशक बनने से पहले एक फ़ोटोग्राफ़र थे. उनसे फ़ोटो खिंचाने के लिए उस दौर के हीरो-हीरोइन बेताब रहते थे. धीरे- धीरे बिमल रॉय ने स्टिल फ़ोटोग्राफ़ी छोड़कर वीडियो कैमरा थाम लिया. ये है बिमल रॉय का फ़िल्मी कैमरा
रिंकी भट्टाचार्य
बिमल रॉय की बेटी रिंकी भट्टाचार्य ने बीबीसी को बताया कि उनके पिता बेहद शांत इंसान थे, उन्हें पार्टी वगैरह में बिलकुल दिलचस्पी नहीं थी. रिंकी के मुताबिक़ दिलीप कुमार को उनके पिता बेहद पसंद करते थे.
बिमल रॉय पर किताब
बिमल रॉय की बेटी रिंकी भट्टाचार्य ने अपने पिता पर किताब भी लिखी है.
बिमल रॉय पर गुलज़ार की कविता
मशहूर शायर, गीतकार और फ़िल्मकार गुलज़ार ने अपने करियर की शुरुआत बिमल रॉय के असिस्टेंट के रूप में की थी. उन्होंने अपने गुरु बिमल रॉय पर एक कविता लिखी है.