नहीं चाहिए तुम्हारी 'संस्कृति'!

30 जून 2014 अतिम अपडेट 07:53 IST पर

जर्मनी का बर्लिन शहर स्ट्रीट आर्ट का मक्का भी है. यहां आपको दीवारों पर विशालकाय कला के नमूने मिलेंगे जो मुख्यधारा की संस्कृति की खिल्ली उड़ाते हैं.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
जर्मनी के बर्लिन शहर को स्ट्रीट आर्ट का मक्का कहते हैं. यहां की दीवारों पर कला के विविध आयाम तो दिखाई देते ही हैं, साथ ही उनमें कोई खास संदेश भी छिपा रहता है.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
स्ट्रीट आर्ट को संस्कृति के ख़िलाफ़ आंदोलन का वाहक माना जाता है. इस तस्वीर में दिख रही है स्ट्रीट आर्टिस्ट रोआ की कलाकृति 'एनिमल'.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
इस तस्वीर में एक कॉफ़ी शॉप के दरवाज़े पर चार्ली चैप्लिन के बचपन को दिखाने की कोशिश की गई है.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
बर्लिन में मुख्यधारा के बरअक्स एक वैकल्पिक संस्कृति को दिखाने वाली कलाकृतियों का चलन लंबे समय से रहा है. इन्हें शहरवासी काफ़ी पसंद भी करते हैं.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
बर्लिन में सरकार ने स्ट्रीट आर्ट बनाने संबंधी बाक़ायदा दिशा-निर्देश जारी किए हुए हैं.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
इस तस्वीर में स्ट्रीट कलाकार विक्टर एश की पेंटिंग दिख रही है, जिसे उन्होंने 'एस्ट्रोनॉट' नाम दिया है.
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इस कलाकृति में बर्लिन में रहने वाले आप्रवासियों की स्थिति को दर्शाया गया है.
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एक इमारत की दीवार पर कलाकार मैक्लेम क्रेव का बनाया विशालकाय म्यूरल 'अंडर द हैंड'.
जर्मनी, बर्लिन, स्ट्रीट आर्ट
इस बड़ी सी दीवार पर म्यूरल बनाया है मेंटाल वैपोर्ज़ (डीएमवी) ने. इमारत रिहायशी हो या कारोबारी, ये कलाकृतियां किसी भी तरह की इमारत की दीवार पर बनी मिल सकती हैं.
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कलाकार एम्मा जोंस ने अपनी इस पेंटिंग को 'फ़िशमैन' नाम दिया है, जो एक पार्किंग से लगी दीवार पर बनाई गई है.