जो गुजर गया, वो 'आज' की बात है...

4 मई 2014 अतिम अपडेट 03:09 IST पर

स्मारक इसीलिए बनाए जाते हैं ताकि अतीत को यूँ ही भुला न दिया जाए. उनकी बीत रहे समय में भी प्रांसगिकता होती है. देखिए तो सही.
होलोकास्ट मेमोरियल, बर्लिन
बीबीसी अक्सर अपने पाठकों की भेजी तस्वीरें प्रकाशित करता रहता है. ये तस्वीरें एक थीम पर होती हैं. इस एल्बम की थीम है 'मान्युमेंट्स' या 'स्मारक.' ये तस्वीर जेनी लीलैंड ने भेजी है. वे कहती हैं, "ये बर्लिन का होलोकास्ट मेमोरियल है. यहाँ से गुजरते वक़्त आप अतीत के बुरे दौर की भयावह यादों को महसूस कर सकते हैं."
चंगेज़ खान
कासिया कोर्ज़ेनिओस्का कहती हैं, "अपने दोस्तों की ये तस्वीर मैंने मंगोलिया की राजधानी उलान बातोर में चंगेज़ खान की मूर्ति के पास ली थी. वहाँ हम पिछले साल सितंबर के महीने में गए थे और ये मेरी सबसे पसंदीदा तस्वीरों में से एक है."
कोलोसी ऑफ़ मेमन, लक्ज़र, मिस्र
सु फ़िट्ज़गेराल्ड कहती हैं, "ये तस्वीर मिस्र के लक्सर में 'कोलोसी ऑफ़ मेमन' की है. हम गर्म हवा के गुब्बारे में सैर कर रहे थे और ज़मीन पर उतरने के लिए हम इंतज़ार कर रहे थे. उस रोज हमें सुबह की सैर के लिए जाना था."
कब्र
पॉल ब्रेनन कहते हैं, "आयरलैंड की मेयो काउंटी के किल्टीमाग में वे लम्हें यागदार हैं. ये तस्वीर वहीं ली गई थी. बाप और बेटी दादा-दादी के कब्र के पास."
दी मॉन्युमेंट
इस तस्वीर के बारे में होली वैसी कहती हैं कि इसे उन्होंने स्मारक 'दी मॉन्युमेंट' के भीतर लिया था.
मानवता
सामया लावल कहते हैं, "जब मैंने ये दृश्य देखा तो मैं कुछ नहीं कर सकता था सिवाय इसके कि मैं उस लम्हें को अपने कैमरे की लेंस में कैद कर लूँ. ये आपको मानवता की परिभाषा पर सवाल खड़ा करने के लिए विवश करता है."
मॉन्युमेंट वैली
थॉमस स्मिथ कहते हैं, "मान्युमेंट वैली में मेरा दोस्त ग्राहम कुछ इस कदर खुश हुआ कि वह वहाँ बस लेट ही गया."
दी लाइफ़बोट मॉन्युमेंट
डेविड ब्रैडबरी कहते हैं, "लैंकशायर के सेंट एन्नेस के पास टहलते वक्त 'दी लाइफ़बोट मॉन्युमेंट' की ये तस्वीर मैंने ली थी. 1886 में जर्मनी की एक नौका को बचाने की कोशिशों के दौरान 27 नाविकों ने अपनी जान गँवा दी थी. ये स्मारक उन्हीं की निशानी है."
जलता हुआ व्यक्ति
एरिन बॉवेन कहती हैं, "इंसान इस ख़्वाहिश के साथ कोई स्मारक बनाता है कि लोग उसे याद रखेंगे. नेवाडा के रेगिस्तान में स्थानीय समुदाय के लोग हर साल अस्थायी तौर पर मंदिर का निर्माण करते हैं और फिर उसे जला देते हैं. इस मौके पर 60 हज़ार लोग इकट्ठा होते हैं, अपने अतीत को जला देने के लिए."
ब्लू कॉक
और सबसे आखिरी तस्वीर है रॉबिन विलियम्स की. ये तस्वीर है लंदन के ट्रैफाल्गर स्क्वायर में ली गई.