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ऐ दिले नादाँ...

15 फरवरी 2014 अतिम अपडेट 07:09 IST पर

जाँनिसार अख़्तर को जानना है तो उनकी 'साथिन' सफ़िया अख़्तर के उनको लिखे ख़त पढ़िए या कृष्ण चंदर के लेख, जहाँ वो कहते हैं, "जाँनिसार वो अलबेला शायर है जिसको अपनी शायरी में चीख़ते रंग पसंद नहीं हैं बल्कि उसकी शायरी घर में सालन की तरह धीमी धीमी आंच पर पकती है."

मोहब्बत से भरी तमाम नज़्मों को लिखने वाले जाँनिसार अख़्तर को उनकी सौवीं जन्मतिथि पर याद कर रहे हैं रेहान फ़ज़ल.