आज हर नेता यहाँ काम पर है...

12 जनवरी 2014 अतिम अपडेट 21:14 IST पर

कहते हैं चुनाव लोकतंत्र का मेला हैं. दुनिया का सबसे बड़ा मेला भारत का आम चुनाव, बस जमने ही वाला है. हर राजनेता अपने देवता वोटर को रिझाने, साधने के लिये सड़क पर निकला हुआ है. देखिये कौन क्या कर रहा है.
अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी, जनता दरबार, दिल्ली सरकार.
दरबार में मुख्यमंत्री: दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार का चर्चा देशभर में हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सचिवालय के सामने जैसे ही 'जनता दरबार' लगाया, उम्मीदों से भरे लोग अपनी अर्जियां लेकर वहां पहुंच गए. इतनी धक्कामुक्की हुई कि आख़िरकार दरबार स्थगित करना पड़ा.
अरविंद केजरीवाल, आम आदमी पार्टी, जनता दरबार, दिल्ली सरकार.
शिकायतों का अंबार, जनता दरबार: दिल्ली की जनता को जब दरबार के आयोजन का पता चला, तो बरसों से दफ़्तरों में चक्कर काट रहे काग़ज नेता के हाथों में पहुंचने के लिए बेताब हो उठे. इनमें ज़्यादातर थीं रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों और अस्थायी कर्मचारियों की शिकायतें.
राहुल गाँधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष
नौजवानों के बीच: सत्ताधारी कांग्रेस आम चुनाव के बाद एक बार फिर सत्ता में वापसी का ख़्वाब संजोए है. कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी नौजवानों को बताना चाह रहे थे कि आख़िर उनकी पार्टी के घोषणा पत्र में नौजवानों की जगह कहां है.
राहुल गाँधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष,
लोक की आवाज़: लोकतंत्र में लोगों की आवाज़ और मत का बड़ा महत्व होता है. नेताओं को जनता के बीच जाना ही होता है और उनके सवालों का जवाब देना होता है. चाहे वह सत्ताधारी पार्टी के नेता हों या विपक्षी पार्टी के.
मध्य प्रदेश, शिवराज सिहं चौहान, भाजपा
ग़रीबों के बीच शिवराज: विधानसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद तीसरी बार मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान भी जनता के दरबार में हैं. यह दरबार लगा भोपाल के रैन बसेरे में आग तापते हुए उन्होंने कुछ अपनी कही तो कुछ लोगों की सुनी.
मध्य प्रदेश, शिवराज सिहं चौहान, भाजपा
चाय पर राजनीति: रैन बसेरे में रहने वालों के बीच मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने चाय के घूंट लगाए और जानने की कोशिश की कि इस सर्दी में ग़रीब रैन बसेरों में कैसे बसर कर रहे हैं.
बिहार, नितीश कुमार, युवा मतदाता
बिहार में युवा दिवस: विवेकानंद के 151वें जन्मदिन पर मुख्यमंत्री नीतिश कुमार पटना में एक कार्यक्रम में पहुंचे. आगामी आम चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की तादाद पिछली बार के मुक़ाबले ज़्यादा होगी.
आधार कार्ड, लोकसभा चुनाव, 2014, नंदन नीलकेनी
साइकिल पर 'आधार': देशभर में आधार कार्ड जारी करने के लिए सुर्ख़ियों में रहे इन्फ़ोसिस के पूर्व सह-संस्थापक नंदन नीलकेणी ने भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं.