जिनके इशारों पर मुल्क चलते हैं...

14 दिसंबर 2013 अतिम अपडेट 11:46 IST पर

ये दुनिया की सबसे ताकतवर महिलाएँ कही जा सकती हैं. कई देशों की कमान इनके हाथों में हैं. दुनिया में कई ऐसे देश हैं जहाँ सियासत की कमान महिलाओं के पास है.
चिली में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मिशेल बाशेलेट और एवेलिम मथेई. समाचार एजेंसी रायटर्स
दुनिया भर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपने झंडे गाड़ रही हैं. इनकी बढ़ती ताकत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि चिली में राष्ट्रपति पद के लिए 15 दिसंबर को होने वाले चुनावों में सीधा मुकाबला दो महिलाओं के बीच ही है. लातिन अमरीकी देशों में महिला नेतृत्व को चुनने का चलन बढ़ रहा है. इन चुनावों में चिली की पहली महिला राष्ट्रपति मिशेल बाशेलेट के मुकाबले मध्यमार्गी राजनीतिज्ञ एवेलिन मथेई हैं. मिशेल इससे पहले 2006 से 2010 तक चिली की कमान सँभाल चुकी हैं. इस गैलरी में उन महिला राजनीतिज्ञों को शामिल किया गया है जो ताकतवर हैं और देश की राजनीति पर असर रखती हैं.
मलावी की राष्ट्रपति जोएस बांदा, समाचार एजेंसी एएफपी
जोएस बांदा अफ्रीकी महादेश के दक्षिणी इलाके की पहली महिला नेता हैं. साल 2012 के अप्रैल महीने में उन्होंने मलावी के राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी सँभाली थी. पूर्व राष्ट्रपति की हृदयाघात से हुई मृत्यु के बाद जोएस बांदा ने देश की जिम्मेदारी सँभाली. जोएस बांदा को महिला अधिकारों का समर्थक माना जाता है.
लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलन जॉनसन सरलीफ, समाचार एजेंसी रायटर्स
लाइबेरिया की राष्ट्रपति एलन जॉनसन सरलीफ 72 साल की हैं और उनके समर्थक उन्हें 'लौह महिला' के नाम से पुकारते हैं. 2011 में उन्हें शांति के लिए अन्य दो लोगों के साथ संयुक्त रूप से नॉबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. लाइबेरिया में 14 सालों के संघर्ष के खत्म होने के दो साल बाद वे 2005 में अफ्रीका की पहली महिला राष्ट्रपति बनी थीं.
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना वाजेद, गेटी इमेज्स
शेख हसीना 2009 के जनवरी में बांग्लादेश की दूसरी बार प्रधानमंत्री बनीं. साल 2008 के दिसंबर में हुए आम चुनावों में उनकी वामपंथी रुझान रखने वाली उनकी मध्य मार्गी पार्टी आवामी लीग को जबरदस्त जीत मिली थी. इन चुनावों में आवामी लीग से हारने वाली बांग्लादेश नैशनलिस्ट पार्टी की अगुवाई भी बेगम ख़ालिदा ज़िया कर रही हैं.
दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पार्क ग्वेन हे, समाचार एजेंसी रायटर्स
दक्षिण कोरिया ने दिसंबर 2012 में अपनी पहली महिला राष्ट्रपति पार्क ग्वेन हे को चुना. हालांकि वो मुकाबला आखिरी लम्हे तक दिलचस्प बना रहा था. राष्ट्रपति ग्वेन के पिता पार्क चंग हे भी दक्षिण कोरिया की बागडोर सँभाल चुके हैं. हालांकि 18 सालों तक सत्ता में रहने के बाद उनकी सरकार को एक तख्तापलट में गिरा दिया गया था.
थाईलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा, समाचार एजेंसी एएफपी
थाईलैंड की प्रधानमंत्री यिंगलक शिनावात्रा सत्ता च्युत किए गए पूर्व प्रधानमंत्री थाकसिन शिनावात्रा की सबसे छोटी बहन हैं. जुलाई 2011 के चुनावों के वक्त उनकी पार्टी फे थाई पार्टी विपक्ष में थी. यिंगलक शिनावात्रा ने अपनी पार्टी की अगुवाई की और चुनावों में उन्हें जबरदस्त कामयाबी मिली. वे थाईलैंड की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं.
डेविड कैमरन, बराक ओबामा, हेले थॉर्मिंग स्केमिट, समाचार एजेंसी एएफपी
हेले थॉर्मिंग स्केमिट डेनमार्क की सरकार की कमान सँभालने वाली पहली महिला हैं. सितंबर 2011 के चुनावों में उनके गठजोड़ को मामूली बहुमत मिला और वह प्रधानमंत्री बनीं. नेल्सन मंडेला की अंत्येष्टि के मौके पर ब्रितानी प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ तस्वीर खिंचवाने के कारण प्रधानमंत्री थॉर्निंग को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा.
लिथुआनिया की राष्ट्रपति डालिया ग्रीबाउस्काएते, समाचार एजेंसी एएफपी
डालिया ग्रीबाउस्काएते लिथुआनिया की राष्ट्रपति हैं. मई 2009 के चुनावों में उन्हें जबरदस्त जीत मिली थी. उस चुनाव में राष्ट्रपति डालिया ग्रीबाउस्काएते को 69 फीसदी मत मिले थे और उनके निकटतम उम्मीदवार सशोल डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता एलगिरडास बटकेविकिअस को महज 11 फीसदी वोट ही मिल पाए थे.
जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल. समाचार एजेंसी एपी
जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल को पूरी दुनिया में एक सुलझी हुई, बुद्धिमान और व्यावहारिक नेता के तौर पर जाना जाता है. जर्मनी में उनके समर्थक उन्हें 'मुट्टी' कहकर भी बुलाते हैं. 'मुट्टी' का मतलब 'देश की माँ' होता है. 22 सितंबर के चुनाव में स्पष्ट जनादेश मिलने के बाद अनुदारवादी मानी जाने वाली एंजेला मार्केल अपनी तीसरी पारी की तैयारी कर रही हैं.
नार्वे की प्रधानमंत्री एर्ना सोलबर्ग, समाचार एजेंसी रायटर्स
एर्ना सोलबर्ग नॉर्वे की दूसरी महिला प्रधानमंत्री हैं. अपने मंत्रिमंडल में उन्होंने आधे स्थान महिलाओं को दिए हैं. ये लैंगिक समानता के अलिखित नियम के मद्देनज़र उठाया गया कदम लगता है. दक्षिपंथी राजनीतिक रुझान वाली सोलबर्ग सितंबर 2013 के चुनाव के बाद एक अल्पमत वाली सरकार की नुमाइंदगी कर रही हैं.
स्लोवेनिया की प्रधानमंत्री ब्रातुसेक, समाचार एजेंसी एएफ़पी
स्लोवेनिया की प्रधानमंत्री ब्रातुसेक ने जैनेज़ जांसा की साल भर पुरानी सरकार के पतन के बाद नेतृत्व सँभाला. सरकारी खर्चों में कटौती की नीति और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर जैनेज़ जांसा की सरकार 2013 के फरवरी-मार्च महीने के दौरान गिर गई थी.
अर्जेंटीना की राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांडीज. समाचार एजेंसी रायटर्स
अर्जेंटीना की राष्ट्रपति क्रिस्टीना फर्नांडीज़ को अक्टूबर 2007 के राष्ट्रपति चुनाव के पहले दौर में ही जबरदस्त जीत मिल गई थी. हालांकि कई लोग मानते हैं कि क्रिस्टीना फर्नांडीज की जीत के पीछ उनके पति पूर्व राष्ट्रपति नेस्टर किचनर की लोकप्रियता भी थी. हालांकि 2013 के लगभग आखिर में हुए कांग्रेस के चुनाव में क्रिस्टीना फर्नांडीज की पार्टी को बड़ा झटका लगा है. इस हार के बाद देश में आर्थिक विकास को रफ्तार देने के लिए उन्होंने अर्थव्यवस्था में सरकार की भूमिका को विस्तार देने की नीति अपनाई है.
कोस्टा रिका की राष्ट्रपति लॉरा चिनचिला.समाचार एजेंसी एएफपी
साल 2010 के फरवरी में हुए चुनाव में लॉरा चिनचिला को ऐतिहासिक जनादेश मिला और वह कोस्टा रिका की पहली महिला राष्ट्रपति के तौर पर निर्वाचित हुईं. मई 2010 में उन्होंने कार्यभार सँभाल लिया. वे शादीशुदा हैं और उनका एक किशोर बेटा भी है. राजनीति में उन्हें अनुदारवादी विचारों वाला माना जाता है. वे समलैंगिकों की शादी और गर्भपात का विरोध करती हैं. वे राज्य के धर्म के तौर पर रोमन कैथोलिक तौर तरीकों को बनाए रखने की पक्षधर हैं.
जमैका की प्रधानमंत्री पोर्शिया सिम्पसन मिलर, गेटी इमेज्स
दिसंबर 2011 के चुनाव में जमैका की विपक्षी पार्टी पीपल्स नैशनल पार्टी की अगुवाई पोर्शिया सिम्पसन मिलर कर रही थीं. पोर्शिया के नेतृत्व में उनकी पार्टी को एक करीबी मुकाबले में जीत मिली. सिम्पसन मिलर 2006 में जमैका की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं लेकिन 2007 में वह चुनाव हार गई थीं.
त्रिनिदाद और टुबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद बिसेसर, समाचार एजेंसी एएफपी
कमला प्रसाद बिसेसर त्रिनिदाद और टुबैगो की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं. मई 2010 के चुनावों में उनके गठबंधन को जबरदस्त जीत मिली थी. कमला प्रसाद बिसेसर ने चार दशकों से सत्तारूढ़ पीपल्स नैशनल मूवमेंट को विपक्ष में बैठने पर मजबूर कर दिया.