ये है 'बाइस्कोप' का जादू...

23 नवंबर 2013 अतिम अपडेट 18:49 IST पर

गोवा में चल रहा 44वां अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल अपने पूरे रंग में है. फेस्टिवल के दौरान फिल्मों का एक खास अंदाज सामने आया. तस्वीरों में देखिए.
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
भारतीय सिनेमा अपने 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है. गोवा में चल रहे अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में इस बार बीते 100 सालों में सिनेमा में आए छोटे-बड़े बदलावों और उसके सफर को एक पेंटिंग कलेक्शन के जरिए दिखाया गया है. इस कलेक्शन को नाम दिया गया है 'बाइस्कोप.'
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
'बाइस्कोप' भारतीय सिनेमा को समर्पित एक बड़ी प्रदर्शनी के रूप में चर्चित हो रहा है. यह कला का संगम है. इसमें विभिन्न कलाकारों के बनाए 'अल्बर्ट पिंटो को गुस्सा क्यों आता है' से लेकर 'दम मारो दम' और 'कमीने' जैसी फिल्मों पर आधारित पेंटिंग्स को शामिल किया गया है. इन खास पेंटिंग्स की कलाकार हैं, राजश्री ठक्कर. चित्रों की इस प्रदर्शनी में राजश्री की पेंटिंग का आधार फिल्मों में कलाकारों की दोहरी भूमिका रही. इसके लिए उन्होंने चर्चित फिल्म 'रा.वन' में शाहरुख के जुड़वां शेखर को और दूसरी ओर 'कमीने' में चार्ली के रूप में शाहिद कपूर की भूमिका को आधार बनाया है.
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
'बाइस्कोप' भारतीय फिल्मों को समर्पित है. बाईस्कोप के तहत राजश्री ने जो दूसरी तस्वीर बनाई है वह बीते वक्त की मशहूर अदाकारा डिंपल कपाड़िया की है.
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यह पेंटिंग आमिर खान की फिल्म 'तारे जमीं पर' के बाल कलाकार दर्शिल सफारी की है. पेंटिंग कलाकार हैं राजश्री ठक्कर.
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
ये विराज नाइक की कृति है. इसमें फिल्मी कलाकार हृतिक रोशन की छवि को एकदम अलग अंदाज में पेश किया गया है.
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'बैंडिट क्वीन' नाम की इस पेंटिंग को प्रवीण नाइक ने तैयार किया है. प्रवीण ने इसके जरिए भारतीय फिल्मों में स्त्रियों के चित्रण पर सबका ध्यान खींचने की कोशिश की है. उन्होंने इसके लिए एक ओर 'मदर इंडिया' और दूसरी ओर 'बैंडिट क्वीन' जैसी फिल्मों को आधार बनाया.
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अपनी फिल्म 'रोबोट' में यादगार भूमिका निभाने वाले रजनीकांत का ये रेखाचित्र तैयार किया है विराज नाइक ने. विराज की बनाई कलाकृतियों की एकल प्रदर्शनी 'हाइब्रिडाइजेशन' के नाम से हाल ही में मुंबई में हुई थी.
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प्रवीण नाइक ने इस आकर्षक पेंटिंग को 'मेरा नाम जोकर' रखा है. मेरा नाम जोकर में मुख्य किरदार अभिनेता राजकपूर ने निभाई थी.
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इस पेंटिंग कलेक्शन का नाम है 'अवतार.' कलाकार हैं वासुदेव शेटे. उन्होंने गोवा में 'दम मारो दम', 'अवतार' और 'मैं उड़ना चाहती हूं' जैसी फिल्में देखीं और उन्हें अपनी कला का आधार बनाया.
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
वासुदेव शेटे की बनाई इस कलाकृति का नाम 'मदर मिलाग्रेनिया' है.
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
बाइस्कोप गोवा में चल रहे फिल्म फेस्टिवल का खास आकर्षण बन चुका है. अपनी रचनात्मकता और विनोदप्रियता के कारण उम्मीद है कि यह हिंदी सिनेमा की तरह यादगार होगा.
गोवा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह
दादा साहब फाल्के के समय से शुरू हुए भारतीय सिनेमा का ये सफर आज इस मुकाम पर पहुंच गया है कि अब सालाना बनने वाली फीचर फिल्मों के लिहाज से भारत दुनिया में सबसे ज्यादा फिल्में बनाने वाला देश बन गया है. गोवा की इंटरटेनमेंट सोसायटी (ईएसजी) ने बाईस्कोप का समर्थन किया है. सभी तस्वीरें बीबीसी संवाददाता वैभव दीवान ने भेजी है.