गुमशुदा बचपन की तलाश में...

13 नवंबर 2013 अतिम अपडेट 10:46 IST पर

विक्की रॉय ने 11 साल की उम्र में अपना बचपन खो दिया था. कभी खुले आसमान के नीचे रात गुज़ारी और आज वे एक फ़ोटोग्राफ़र हैं. देखिए विक्की की नज़र से ज़िंदगी...
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
कूड़ा बीनने वाले बच्चे के रूप में ज़िंदगी की शुरुआत करने वाले विक्की रॉय आज एक फ़ोटोग्राफ़र हैं. एक ग़ैर सरकारी संगठन से मिले कैमरे के ज़रिए उन्होंने भारत में इन बेसहारा बच्चों की दुनिया की बेहद मार्मिक तस्वीरें खींची. राजधानी के नई दिल्ली स्टेशन पर कूड़ों के ढेर के बीच गहरी नींद में सोते बच्चे.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
रॉय का जन्म एक ग़रीब परिवार में हुआ था. उनके माता-पिता उनका पालन-पोषण करने की स्थिति में नहीं थे. वे तीन साल की उम्र में उन्हें उनके दादा-दादी के पास छोड़कर चले गए.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
रॉय 11 साल की उम्र में पश्चिम बंगाल के अपने घर से भागकर राजधानी दिल्ली जाने वाली एक ट्रेन में बैठ गए. दिल्ली में रेलवे स्टेशन और फुटपाथ पर वह एक साल तक रहे. उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों को इकट्ठा कर बेचने और बर्तनों को साफ़ करने का काम किया. दिल्ली के एक बाज़ार के बाहर जूता पॉलिश करते दो बच्चे.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
सालों तक रैन बसेरा में ज़िंदगी बिताने वाले रॉय पर एक ग़ैर सरकारी संस्था सलाम बालक ट्रस्ट की नज़र पड़ी. राय ने दिल्ली के कनॉट प्लेस इलाक़े में बैलून बेचती एक 12 वर्षीय लड़की की तस्वीर खींची.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
शेल्टर में रहते समय रॉय को कैमरे के रूप में एक दोस्त मिला और उन्होंने सड़कों और शेल्टर में रहने वाले अपने जैसे दोस्तों की तस्वीर खींचने का फ़ैसला किया.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
कूड़ा बीनने वाले अधिकतर बच्चे सड़कों और रेलवे लाइन पर रहते हैं और वे हिंसा व अपमान के शिकार होते हैं. राय ने दिल्ली रेलवे स्टेशन पर कूड़ा चुनने वाले इस बच्चे की तस्वीर कैमरे में क़ैद की.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
हालांकि सब बच्चे इस किशोर की तरह भाग्यशाली नहीं होते हैं. यह किशोर दिल्ली में एक फ़िल्म कंपनी के साथ काम करता है और वह शेल्टर में रहने का ख़र्च उठा सकता है.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
दिल्ली में साल 2007 में रॉय की पहली फ़ोटो प्रदर्शनी स्ट्रीट ड्रीम्स का आयोजन किया गया. उसके बाद से उनके काम को कई अन्य देशों में दिखाया जा चुका है. यह दिल्ली के एक शेल्टर की तस्वीर है.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
साल 2009 में रॉय उन चार युवकों में से एक थे जिन्हें अमरीकी संस्था मेबैक फ़ाउंडेशन ने न्यूयार्क में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पुनर्निर्माण को कैमरे में क़ैद करने के लिए चुनाव किया है. यह 17 वर्षीय राय की तस्वीर है जो दिल्ली के शेल्टर में रहते हुए एक ग्राफ़िक डिज़ाइन के रूप में काम करते हैं.
विक्की रॉय, गली के बच्चों की तस्वीर
रॉय का यह सेल्फ़ पोट्रेट उनकी नई किताब होम स्ट्रीट होम से लिया गया है. इस किताब का प्रकाशन नॉन-प्रॉफ़िट संस्थान नज़र फ़ाउंडेशन ने किया है.