तस्वीरों में करें नाथू ला दर्रे की सैर

21 नवंबर 2013 अतिम अपडेट 06:45 IST पर

नाथू ला हिमालय की गोद में बसा एक पहाड़ी दर्रा है, जो रणनीतिक रूप से भारत और चीन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. सिक्किम के गंगटोक से छह घंटे दूरी पर स्थित इस पुराने सिल्क रूट की कुछ ख़ूबसूरत तस्वीरें.
नाथू ला दर्रा
नाथू ला हिमालय की गोद में बसा एक पहाड़ी दर्रा है. यह भारत को तिब्बत से जोड़ता है. दर्रे की ऊंचाई समुद्र तल से 14,140 फीट है. तिब्बती भाषा में नाथू का मतलब 'सुनने वाले कान' और ला का मतलब 'दर्रा' होता है.
नाथू ला दर्रा
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस दर्रे पर भारत और चीन के जवान हमेशा तैनात रहते हैं. नाथू ला के पास तैनात एक चीनी सैनिक.
नाथू ला दर्रा
दर्रे तक पहुंचने के लिए काफी चढ़ाई करनी पड़ती है. अक्सर होने वाली बारिश और कोहरे के कारण यात्रा मुश्किलों से भरी होती है.
नाथू ला दर्रा
यहां की सैर पर आने वाले पर्यटकों के एक-दूसरे की सीमा में चले जाने की घटनाएं अक्सर होती है.
नाथू ला दर्रा
वैसे अपनी-अपनी सीमा की रक्षा के लिए इस दुर्गम जगह पर तैनात जवानों को यह भी अहसास है कि इस बेहद सर्द स्थान पर सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखना भी उनकी ज़िम्मेदारी है.
नाथू ला दर्रा
नाथू ला से गंगटोक लौटते समय रास्ते में पड़ने वाली सोंग्मो झील, जिसे लाल पांडा और याक के लिए जाना जाता है.
नाथू ला दर्रा
गंगटोक लौटते समय ही रास्ते में है एक अति-प्राचीन मंदिर, जिससे लगता है कि इस इलाक़े में सदियों से लोगों की आवाजाही है.
नाथू ला दर्रा
यहां आपको मुश्किल मौसम से हर समय लड़ना पड़ता है. पता नहीं होता कि किस मोड़ पर मौसम आपके लिए मुश्किलें पैदा कर दे. कोहरे भरी पहाड़ी सड़कों पर यात्रा वाक़ई जोखिम भरी चढ़ाई है.