युवाओं पर चढ़ा टैटू का बुखार

25 अक्तूबर 2013 अतिम अपडेट 18:07 IST पर

पंछियों के टैटू, धार्मिक टैटू और माता-पिता की तस्वीर वाले टैटू भी. युवा अब हर तरह के टैटू बनवा रहे हैं. देखिए कुछ दिलचस्प टैटू की तस्वीरें.
टैटू आर्टिस्ट शामली
22 साल की शामली पेशेवर टैटू आर्टिस्ट हैं. उनके हाथ पर थ्री डी टैटू बना है. वह कहती हैं, " टैटू मेरी ज़िंदगी में मील के पत्थर की तरह हैं. जब भी मेरे जीवन में कोई ख़ास पड़ाव आता है, मैं उसकी याद में एक टैटू बनवा लेती हूँ. हाल ही में मेरी मम्मी ने भी एक टैटू बनवाया है."
मोहित पिता की तस्वीर का टैटू बनवा रहे हैं
मोहित एक बाइकर्स ग्रुप चलाते हैं. वह अपने पिता की तस्वीर का पोट्रेट टैटू बनवा रहे हैं. उन्होंने बताया, "मैं पिछले 10 साल से टैटू बनवाने के बारे में सोच रहा था लेकिन मैं चाहता था कि मैं कुछ ऐसा बनवाऊं जिसे देखकर मैं जीवन भर फ़ख्र महसूस कर सकूँ. इसलिए मैंने इंतज़ार किया."
टैटू ही टैटू
एक हनुमान मंदिर के आगे कुर्सी मेज डाल कर बैठे सिकंदर कहते हैं, "आज-कल जिसके हाथ पर देखो टैटू ही टैटू है, ऐसे में मुझे लगता है कि अब टैटू बनवाने का कम और हटवाने का ज़ोर ज़्यादा रहेगा."
श्याम, लोकेश से अपने हाथ टैटू बनवा रहे हैं.
श्याम, लोकेश से अपने हाथ पर एक अंग्रेजी टीवी सीरियल ब्रेकिंग बैड के मुख्य किरदार की तस्वीर का टैटू बनवा रहे हैं. वह किरदार से बहुत प्रभावित हैं. श्याम ने बताया, "यह टैटू पिछले आठ घंटे से बन रहा है. इसे पूरा करवाने के लिए मुझे एक- दो बार और आना पड़ेगा."
टैटू डिज़़ाइंस
लोकेश कहते हैं, "पहले लोग हमसे पूछते थे कि क्या बनवाना अच्छा रहेगा लेकिन अब लोग ऐसे टैटू बनवा रहे हैं जो उनकी ज़िंदगी में मायने रखते हैं. अब लोग अपने टैटू डिज़़ाइन ख़ुद लेकर आते हैं. पूरी बाजू या पूरी पीठ पर टैटू बनवाने के लिए लोग एक से दो लाख रुपए भी खर्च करने को तैयार हैं. "
नेहा के पैर में दो टैटू
एक लॉ फ़र्म में काम करने वालीं नेहा के पैरों पर दो ट्राइबल टैटू हैं. नेहा ने पक्षियों से अपना डर दूर करने के लिए अपने पैर पर पंख बनवाया. वह कहती हैं, "इससे डर दूर हुआ भी." दूसरे पैर पर उन्होंने अपनी तीन सहेलियों के साथ एक जैसा टैटू बनवाया था. उनका मानना था कि वो टैटू उन चारों को हमेशा जोड़े रखता है.
 पैंतीस साल के गोपाल ने धार्मिक टैटू बनवाया  था
सिलाई मशीन से कपड़े ऑल्टर करने वाले 35 साल के गोपाल ने अपने हाथ पर 10 साल की उम्र में उत्तर प्रदेश के मथुरा में यह धार्मिक टैटू बनवाया था. वह कहते हैं, गोदना बनवाना अच्छा नहीं होता. मैंने तो दूसरे बच्चों को देखकर नादानी में टैटू बनवा लिया था "
धार्मिक टैटू में अंग्रेजी के अक्षर
आज-कल भारत में पश्चिम की संस्कृति की छाप देखना आम बात है लेकिन भारत के युवा अब धार्मिक टैटू में अंग्रेजी के अक्षर लिखवाना पसंद कर रहे हैं.
मेहँदी लगाने की कई जगहों पर टैटू भी
दिल्ली में टैटू का चलन इस तरह जोर पकड़ रहा है कि हर छोटी बड़ी जगह टैटू बनाने वाले मिल जाते हैं. कनॉट प्लेस के पास सड़क किनारे मेहँदी लगाने की कई जगहों पर टैटू भी बनाए जाने लगे हैं.
 टैटू पार्लर में काम करने वाले आशू
एक छोटे से टैटू पार्लर में काम करने वाले आशू के हाथ पर अस्थाई टैटू बना है. वह बताते हैं, "हम टैटू बनाने पर डिस्काउंट भी देते हैं. मैंने पूरी पीठ पर 50 हज़ार रुपए में टैटू बनाया था. आठ साल पहले पूरे पालिका बाज़ार में टैटू बनाने की केवल दो दुकानें थीं. आज-कल बहुत सी दुकानें हो गईं हैं."
साफ़ - सफ़ाई का ध्यान रखें
अपोलो अस्पताल के त्वचा विशेषज्ञ डॉक्टर डीएम महाजन कहते हैं, " टैटू बनवाते हुए साफ़ सफ़ाई का ध्यान रखें. टैटू बनाने वाली मशीन की नीडल नई हो और स्याही प्रमाणित वरना कई संक्रमण या फिर एड्स जैसी बीमारी भी हो सकती है."