बीते ज़माने के बॉलीवुड पोस्टर

23 अक्तूबर 2013 अतिम अपडेट 11:46 IST पर

गुज़रे ज़माने में बॉलीवुड में हाथ से बने पोस्टर का बड़ा चलन हुआ करता था जिसकी जगह आज के दौर में डिजिटल पोस्टर ने ले ली है. एक नज़र पुरानी हिंदी फ़िल्मों के कुछ ऐसे ही चर्चित पोस्टर्स पर.
हिनेश जेठवानी
32 साल के हिनेश जेठवानी पुरानी हिंदी फ़िल्मों के पोस्टर्स को संग्रहित करने और बनवाने का काम करते हैं. (सभी तस्वीरें: हिप्पी इंडिया)
फागुन
हिनेश के पास 40 के दशक से लेकर 80 के दशक तक की कई फ़िल्मों के पोस्टर का संग्रह है. वो उस दौर में इन पोस्टर को बनाने वाले कई चित्रकारों की मदद से आज भी ऐसे पोस्टर तैयार करवाने का काम कर रहे हैं. (बीबीसी संवाददाता मधु पाल से बातचीत पर आधारित)
'मदर इंडिया'
1957 में रिलीज़ हुई फ़िल्म 'मदर इंडिया' का पोस्टर. उस दौर में हाथ से बने पोस्टर का चलन हुआ करता था. चित्रकार हूबहू कलाकारों की शक्ल की पेंटिंग बनाने में दक्ष हुआ करते थे.
आराधना
राजेश खन्ना को सुपरस्टारडम दिलाने वाली 1969 की फ़िल्म 'आराधना' का पोस्टर. इस तरह के पोस्टर की विदेश में बसे बॉलीवुड प्रशंसकों के बीच ख़ासी मांग है.
'दीवार'
यश चोपड़ा की क्लासिक 'दीवार' का पोस्टर. अमिताभ बच्चन को सुपरस्टार के तौर पर इस फ़िल्म ने स्थापित किया.
आवारा
हिनेश के पास ना सिर्फ़ पोस्टर बल्कि पुराने दौर की कई सुपरहिट फ़िल्मों के एलपी रिकॉर्ड्स भी हैं.
देव आनंद
फ़र्नीचर पर उकेरी गई कलाकारों और बॉलीवुड की फ़िल्मों की तस्वीरों की भी बाज़ार में अच्छी ख़ासी मांग है. उन्हें प्रशिक्षित कलाकारों से बनवाया जाता है.
'पिया का घर'
राजश्री प्रोडक्शंस की हिट फ़िल्म 'पिया का घर' का पोस्टर. फ़िल्म में जया बच्चन (तब जया भादुड़ी) और अनिल धवन ने मुख्य भूमिका निभाई थी.
राम बलराम
1980 में आई विजय आनंद निर्देशित फ़िल्म 'राम बलराम' का पोस्टर. फ़िल्म में अमिताभ बच्चन, रेखा, धर्मेंद्र और ज़ीनत अमान की मुख्य भूमिका थी.
'प्राण जाए पर वचन ना जाए'
1974 में आई सुनील दत्त, अजीत और रेखा की सुपरहिट फ़िल्म 'प्राण जाए पर वचन ना जाए' का पोस्टर. हिनेश बताते हैं कि अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार उऩकी इस पहल को काफ़ी समर्थन दे रहे हैं.