जापान का प्रसिद्ध 'लड़ाई का त्योहार'

30 अक्तूबर 2013 अतिम अपडेट 09:56 IST पर

जापान में हिमेजी शहर के मात्सुबारा तीर्थस्थल पर नाडा नो केंका मात्सुरी नाम का एक त्योहार मनाया जाता है. इसे 'लड़ाई का त्योहार' भी कहते हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
जापान के हिमेजी शहर के मात्सुबारा तीर्थस्थान पर हर साल एक त्योहार मनाया जाता है. इसे नादा नो केन्का मात्सुरी कहते हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
ये त्योहार फसल की कटाई से जुड़ा है और शरद ऋतु के दौरान मनाया जाता है. इसका मुख्याकर्षण याताई-नेरी है यानि याताई की परेड. याताई लकड़ी की बनी झांकियां होती हैं जिनपर सोने और चांदी का काम होता है और कढ़े हुई पर्दे लगे होते हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
ये याताई या झांकियां पुरुष अपने कंधों पर उठाते हैं और इनके चारों ओर लोग शिदे या रंगीन काग़ज़ से सजे बांस के खंभे लेकर चलते हैं. हर याताई का वज़न लगभग दो टन होता है.
जापान में लड़ाई का त्योहार
इसे लड़ाई का त्योहार इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें विभिन्न टीमें मिकोशी यानि झांकियों को एक दूसरे से टकराती हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
इस तस्वीर में एक व्यक्ति अपनी टीम के रंग का बांस का खंभा लिए हुए है.
जापान में लड़ाई का त्योहार
इस लड़ाई के त्योहार का एक रिवाज़ समुद्र में नहाना होता है. इस तस्वीर में एक टीम के सदस्य अपने नेता को कंधे पर ले जा रहे हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
हर टीम के बांस के खंभों का अलग-अलग रंग होता है. इस तस्वीर में छात्र अपनी टीम को प्रोत्साहित करने की तैयारी कर रहे हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
केंका मात्सुरी न सिर्फ़ जापान बल्कि दुनिया भर में मशहूर है. इसे देखने लगभग हर साल करीब एक लाख लोग जुटते हैं.
जापान में लड़ाई का त्योहार
झांकियों को उठाने वाले पुरुष धोती पहनते हैं. तैयारी करते कुछ लोग.
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इस बार केंका मात्सुरी अक्तूबर के पिछले पखवाड़े में मनाया गया.