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बिहारः बाढ़ की बर्बादी से बेहाल

 शुक्रवार, 6 सितंबर, 2013 को 09:05 IST तक के समाचार
  • बिहार में बाढ़
    बिहार के 20 ज़िलों के 3,768 गाँवों को बाढ़ के संकट से जूझना पड़ रहा है. बाढ़ से प्रभावित होने वाले लोगों की संख्या 59 लाख के क़रीब बताई जा रही है. सरकारी अधिकारियों के मुताबिक़ बाढ़ से पिछले कुछ दिनों के दौरान 170 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
  • बिहार में बाढ़
    मॉनसून का मौसम अमूमन जून से सितम्बर महीने के दौरान रहता है. इस दौरान होने वाली वर्षा खेती बाड़ी के काम को फ़ायदा पहुँचाती है. लेकिन अगस्त के आख़िर में उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में हुई तेज़ बारिश ने बिहार में बाढ़ की स्थिति पैदा कर दी है.
  • बिहार में बाढ़
    गंगा, सोन, गंडक और कोसी जैसी नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है. इससे लोग ऊँचे स्थानों, तटबंधों और ऊँची इमारतों पर जाकर शरण ले रहे हैं.
  • बिहार में बाढ़
    राज्य में चल रहे 89 राहत शिविरों में 40 हज़ार से ज्यादा लोगों ने शरण ले रखी है. सरकार कहती है कि प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए ज़रूरी क़दम उठाए जा रहे हैं.
  • बिहार में बाढ़
    बाढ़ से प्रभावित लोग अपना घर बार छोड़ने में हिचक रहे हैं. उनके सामने अपने घर और माल-मवेशियों की हिफ़ाज़त का सवाल भी है.
  • बिहार में बाढ़
    सरकारी अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ की तबाही में 25 मिलियन डॉलर या तक़रीबन 165 करोड़ रुपए की फ़सल बर्बाद हो गई है.
  • बिहार में बाढ़
    बिहार के भागलपुर ज़िले में नवगछिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 31 बाढ़ के पानी में डूब गया है.
  • बिहार में बाढ़
    जानकारों का कहना है कि बिहार में इस साल पिछले वर्ष की तुलना में 26 फ़ीसदी कम बारिश हुई है. एक ओर जहाँ बिहार के 18 ज़िले सूखे का सामना कर रहे हैं, वहीं पड़ोसी राज्यों में हुई भारी बारिश की वजह से 20 ज़िलों के लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं. यह अपने आप में एक अजीबोग़रीब स्थिति है. विवरण- अमरनाथ तिवारी, पटना से.

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