मार्टिन लूथर किंग के सपने के पचास साल

28 अगस्त 2013 अतिम अपडेट 09:23 IST पर

अमरीका में आम लोगों को समानता का अधिकार देने की मांग के साथ आज से ठीक 50 साल पहले वॉशिंगटन में ऐतिहासिक रैली हुई थी. देखिए उस रैली की तस्वीरें.
वॉशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
ऐतिहासिक किताब - दिस इज़ द डे: द मार्च ऑन वॉशिंगटन में शामिल लियोनार्ड फ़्रीड के फोटोग्राफ को दो चरणों वाली उस प्रदर्शनी में शामिल किया गया है जो 28 अगस्त, 1963 के ऐतिहासिक मार्च की 50वीं वर्षगांठ के मौक़ पर मनाई जा रही है.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
लियोनार्ड फ़्रीड की इन तस्वीरों को अफ्रीकन-अमरीकन फोटोग्राफरों के फोटोग्राफ के साथ वॉशिंगटन डीसी में लाइब्रेरी ऑफ़ कांग्रेस और मार्टिन लूथर किंग जूनियर मेमोरियल लाइब्रेरी में भी सहेज कर रखा गया है.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
इन तस्वीरों को लियोनार्ड फ़्रीड की उन सैकड़ों तस्वीरों में से चुना गया है जो उन्होंने अमरीकी राजधानी में 28 अगस्त, 1963 की ऐतिहासिक रैली से पहले, उसके दौरान और उसके बाद खींची थी.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
28 अगस्त, 1963 की उस ऐतिहासिक रैली में सभी नागरिकों को क़ानूनी तौर पर एक समान अधिकार देने की मांग करते हुए करीब दो लाख अमरीकी शामिल हुए थे.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
इस रैली को मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने संबोधित करते हुए अपना ऐतिहासिक भाषण 'आई हैव ए ड्रीम' (मेरा एक सपना है) दिया था. अपने भाषण में उन्होंने उम्मीद जताई थी कि अमरीका में जल्दी ही सबको एकसमान अधिकार हासिल होंगे.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने अपने भाषण में कहा था कि अब वक्त आ गया है जब अंधेरे और अलगाव की निर्जन घाटी को छोड़कर नस्लीय न्याय के रोशनी भरे पथ पर चला जाए.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने नस्लीय भेदभाव को खत्म करने के लिए अहिंसक तरीकों से लंबे समय तक संघर्ष किया. उन्होंने समानता के अपने सपने के बारे में लोगों को कई बार बताया.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
साल 1964 में अमरीकी कांग्रेस ने सिविल राइट्स एक्ट को पारित किया. जिसके तहत अमरीका में नस्लीय, जातीय, राष्ट्रीय, धार्मिक अल्पसंख्यक और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को ग़ैर क़ानूनी करार दिया गया.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
ऐतिहासिक रैली से कुछ घंटे पहले फ़्रीड ने फोटो खींचे थे. उन्होंने देखा कि लोग बसों में, अपनी गाड़ियों में भर भर कर पहुंच रहे थे और विरोध के लिए तख्तियां रखी गई थीं.
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
इस रैली के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपनी चौकियां संभाल ली थीं. लोग मशहूर फोर्ड थियेटर के पास से गुज़रे जहां एक पोस्टर पर लिखा था- 'वह घर जहां लिंकन का निधन हुआ था.'
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोस
लियोनार्ड फ़्रीड शाम में भी फोटोग्राफ़ी कर रहे थे. तब बचे हुए प्रदर्शनकारी एक दूसरे के हाथ पकड़े गा रहे थे -'हम होंगे क़ामयाब.'
वाशिंगटन मार्च, 28 अगस्त, 1963. एस्टेट ऑफ लियोनार्ड फ़्रीड/मैग्नम फोटोज़
फ़्रीड ने वॉशिंगटन मेमोरियल और लिंकन मेमोरियल के साथ-साथ वहां पहुंची भीड़ को बख़ूबी अपने कैमरे में क़ैद किया. सभी तस्वीरों का कॉपीराइट एस्टेट ऑफ़ लियोनार्ड फ़्रीड और मैगनम फोटोज़ के पास है. 'दिस इज़ द डे' को गेटी पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है.