अंदर से भी बेहद ख़ूबसूरत है यह शरीर

22 अगस्त 2013 अतिम अपडेट 16:48 IST पर

स्कॉटलैंड के एडिनबरा में लियोनार्दो द विंची के मानव शरीर के अध्ययन से संबंधित एक प्रदर्शनी लगी है. बाद में विकसित तकनीकों ने साबित किया कि यह बिल्कुल सही हैं. देखिए इस क्षेत्र में तकनीक के विकास का असर.
पैर के निचले हिस्से की शरीर रचना
चिकित्सा से जुड़ी कला या मेडिकल आर्ट पिछले कुछ दशकों में काफ़ी बदली है. कलाकार फ़िलिप विल्सन कहते हैं, "दरअसल मेडिकल फ़ोटोग्राफ़र अब आगे आए हैं और ऐसी बहुत सी चीज़ें हैं जो वह कर सकते हैं."
बगल का शरीर विज्ञान
विल्सन कहते हैं, "सामान्यतः जब आप किसी प्रक्रिया को नज़दीक से देखते हैं तो आपको समझ आता है कि क्या हो रहा है. लेकिन जब आप किसी शल्य क्रिया को देखते हैं, जैसे कि छाती की, तो यह समझना बहुत मुश्किल होता है कि क्या हो रहा है- बहुत अच्छे फ़ोटोग्राफ़र के लिए भी."
श्वासनली और ब्रांकियल ट्री (श्वसनी वृक्ष) की शरीर रचना
मैट ब्रिग्स श्वासनली और ब्रांकियल ट्री (श्वसनी वृक्ष) की तस्वीर के बारे में कहते हैं, "यह अब तक बनाई मेरी तस्वीरों में से सबसे मुश्किल है. मैंने त्रिआयामी मॉडल बनाने के लिए सीटी के आंकड़ों का इस्तेमाल किया, फिर इसका इस्तेमाल मैंने शरीर रचना की शुद्धता को बढ़ाने के लिए किया."
हाथ के ढांचे
ब्रिग्स कहते हैं, "शरीर रचना के मेरे पसंदीदा हिस्से हाथ हैं क्योंकि इसमें कई मज़ेदार ढांचे हैं. तस्वीर बनाने के लिहाज से भी यह बेहद सुंदर हैं. मुझे सबसे ज़्यादा प्रेरणा दूसरे कलाकारों के काम से और यह देखने से मिलती है कि क्या किया जा सकता है. यकीनन आज तक का सबसे प्रेरणादायक मेडिकल आर्ट का काम लियोनार्दो द विंची और एंड्रीयस वेसालियस का है जो 500 साल बाद भी प्रभावित करता है."
दिल के दौरे के शिकार बुजुर्ग मरीज़ का हाथ
एन होलडेन कहती हैं, "लाइन खींचने से लेकर बारीक काम तक एक तस्वीर दो-तीन घंटे से लेकर कई हफ़्ते तक का समय ले सकती है. तस्वीर पर काम शुरू करने से पहले काफ़ी शोध की ज़रूरत पड़ती है. ऐसा भी नहीं है कि पारंपरिक तरीके- पेंसिल, पेन, स्याही, पानी के रंग के मुकाबले कंप्यूटर से काम करने में वक्त कम लगता है. एक फ़ायदा यह है कि अगर आप कंप्यूटर से काम कर रहे हैं तो कोई ग़लती होने पर आप उसे 'अनडू' कर सकते हैं. जबकि पानी के रंग से काम करते हुए आपको तस्वीर को फिर से बनाना पड़ सकता है."
मांसपेशियां और अस्थिरज्जु
डेबी मेज़ल्स का कहना है, "प्राकृतिक दुनिया में हर चीज़ में बेहद शानदार और कमाल की बारीकी वाली शरीर रचना और व्यवस्था है. इसी से कोई भी जीवित चीज़ काम ख़ास ढंग से काम करती है और दूसरी चीज़ों से संबंध रखती है. अणु के स्तर तक इनका बारीकी से अध्ययन किया जा सकता. अपने काम के ज़रिए मैं यही संदेश देने की कोशिश कर रही हूं कि न सिर्फ़ यह ख़ूबसूरत हैं बल्कि इन्हें समझना भी आसान है."
कार में बैठी हुई दो साल की बच्ची
जोआना कुली कहते हैं, "मैंने मेडिकल आर्टिस्ट बनने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि शुरू से ही मैं जो भी भी देखता था उसका चित्र वास्तविक रूप में बनाने की कोशिश करता था. मुझे प्रकृति और जानवरों से बेहद लगाव है. मैं ऐसे क्षेत्र में काम करना चाहता था जिसमें विज्ञान और चित्रकारी दोनों हों और मेडिकल आर्ट इसका स्वाभाविक क्षेत्र है."
पानी के रंगों से बनाई गई जोआना कुली की तस्वीर
कुली कहते हैं, "जब मेडिकल आर्ट की बात आती है तो पानी के रंग को जैसे भुला दिया गया है लेकिन मुझे और मेरे कई ग्राहकों को यह पसंद है. पानी के रंग से तस्वीर बनाना पारंपरिक तरीका है. जिसमें कैनवस पर तस्वीर बनाई जाती है और फिर इसे स्कैन कर लिया जाता है ताकि इसे कंप्यूटर पर भी इस्तेमाल किया जा सके."
अंग्रेज पैराओलंपिक खिलाड़ी रिचर्ड वाइटहेड का 30 इंच का मोम का पुतला
रिचर्ड नीव ने पचास साल पहले मॉनचेस्टर, इंग्लैंड में एक कलाकार के रूप में काम करना शुरू किया था. वह कहते हैं, "मेडिकल आर्ट के लिए शरीर रचना और जीवनविद्या के बारे में ठीक-ठाक जानकारी होनी चाहिए. पिछले 50 साल में तकनीक में प्रगति और शरीर के नमूनों और मेडिकल पदार्थों के प्रति समाज के रवैये में बदलाव इतना ज़्यादा हुआ है कि अब यह वह पेशा लगता ही नहीं जो आधी सदी पहले था."