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'ये दुनिया की सबसे ख़तरनाक जेल है'

 गुरुवार, 6 जून, 2013 को 16:15 IST तक के समाचार
  • कोलंबिया के पैसेफिक किनारे पर बसे द्वीप गोरगोना की खोज 1524 में हुई थी. इसे स्पेनिश विजेता डिएगो डी अलमाग्रो ने तलाशा था. उन्होंने इस द्वीप का नाम सैन फैलेपे रखा था.
  • इस द्वीप का पता लगाए जाने के तीन साल बाद 170 स्पेनिश सैनिक इस द्वीप पर पहुंचे. पेरू में एक लड़ाई हारने के बाद इन सैनिकों का इरादा इस द्वीप को बसाने का था. इन 170 लोगों में 87 लोगों की मौत सांपों के काटने से हो गई.
  • इस द्वीप समूह में सांपों की बहुतायत को देखते हुए इस द्वीप का नाम गोरगोना रखा गया. यूनानी धार्मिक परंपराओं के मुताबिक इस पौराणिक जीव के शरीर में बालों की जगह सांप होते थे.
  • सन 1950 के आसपास अधिकारियों ने इस द्वीप समूह को एक अत्यधिक सुरक्षा वाले जेल में तब्दील कर दिया. अधिकारियों की राय ये थी ख़तरनाक सांपों को देखते हुए कोई कैदी यहां से भागने का जोखिम नहीं ले सकता था. तस्वीर में आपको जेल का मुख्य दरवाजा दिख रहा है.
  • इस जेल को कैदियों के लिए सन 1960 में खोला गया. यहां 1984 तक कैदियों को रखने की व्यवस्था थी. गोरगोना की इस जेल जो अब राष्ट्रीय पार्क में तब्दील हो चुकी है, उसकी तस्वीरें विवियाना पेरेट्टी ने ली हैं.
  • इस जेल में कैदियों को बेहद तंग कोठरियों में रखा जाता था. इस जेल में कैदियों को बहुत प्रताड़ित किया जाता था और मानवाधिकारों का उल्लंघन बड़े पैमाने पर किया जाता रहा.
  • यहां रहने वाले कैदियों की कोई निजता नहीं होती थी. उनपर चौबीसों घंटे नज़र रखी जाती थी. कैदियों का उत्पीड़न कभी सुरक्षा प्रहरी किया करते थे तो कभी दूसरे कैदी.
  • गोरगोना की इस बेहद ख़तरनाक जेल से महज तीन कैदी ही भागने में कामयाब हुए. उनमें एडुआर्डो मोनेटोन टमाओ भी एक थे. लेकिन जब वे नशे में अपने इस कारनामे के बारे में दावा कर रहे थे, तब उन्हें फिर से गिरफ़्तार कर इस जेल में वापस भेज दिया गया.
  • इस द्वीप में अभी तक कुछ पुराने शॉवर ब्लॉक मौजूद हैं.
  • जब ये जेल बंद कर दिया गया तो इसे राष्ट्रीय पार्क के तौर पर विकसित किया गया. ताकि इस द्वीप की स्थानीय प्रजातियों को सुरक्षित रखा जा सके.
  • जब यहां जेल की व्यवस्था थी, तब ईंधन के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों का काटा गया. लेकिन राष्ट्रीय पार्क बनाए जाने के बाद हालात बिलकुल बदल गए.
  • जेल को बंद किए जाने के पश्चात गोरगोना में हरियाली काफी हद बढ़ गई है. अब तो जेल के बैरकों में भी पेड़ पौधे बड़ी मात्रा में मौजूद हैं.
  • जिन ब्लॉकों में जेल के सुरक्षा प्रहरी रहा करते थे उन्हें अब गेस्ट हाउस में तब्दील कर दिया गया है. यहां आने वाले पर्यटक और वन्य जीव के बारे में अध्ययन करने वाले वैज्ञानिक इन्हीं गेस्ट हाउसों में ठहरते हैं.
  • यह द्वीप कुल मिलाकर 26 वर्ग किलोमीटर के दायरे में फैला हुआ है. यह कूका प्रांत से करीब 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

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