BBC navigation

प्यारी सी पारसी दुनिया

 सोमवार, 18 मार्च, 2013 को 13:15 IST तक के समाचार

पारसी जीवन की एक झलक

  • भारत के पारसी
    भारतीय पारसियों के जीवन पर आधारित एक चित्र प्रदर्शनी आजकल मुंबई के केमॉल्ड प्रेसकॉट रोड गैलरी में चल रही है. इसमें मशहूर फ़ोटोग्राफ़र और पटकथा लेखक सोनी तारापोरवाला के चित्र प्रदर्शित किए गए हैं.
  • भारत के पारसी
    यह प्रदर्शनी मुंबई के फ़ोकस फ़ोटोग्राफी फ़ेस्टीवल का हिस्सा है.इसे दक्षिण मुबंई की 25 अलग-अलग जगहों पर लगाया जाएगा. इनमें आर्ट गैलरी, बैक्वेट हाल, रेस्तरां, कैफे, सिनेमाहाल और अन्य सार्वजनिक जगहें शामिल हैं. दो पारसी बहनों की यह फ़ोटो 1988 में ली गई थी. इस चित्र का शीर्षक है, मानसून ड्राइव.
  • भारत के पारसी
    सोनी तारापोरवाला ने 1977 में हावर्ड विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई करते हुए फ़ोटोग्राफ़ी शुरू की. उन्होंने अपना पहला कैमरा खरीदने के लिए अपने रूममेट से पैसे उधार लिए थे. उनके चित्रों की प्रदर्शनी अबतक दुनियाभर में लग चुकी है. लेकिन मुंबई में यह उनकी पहली प्रदर्शनी है .
  • भारत के पारसी
    सोनी तारापोरवाला ने 'मिसिसिपि मसाला', 'द नेमसेक' और ऑस्कर के लिए नामित फ़िल्म 'सलाम बांबे' की पटकथा भी लिखी है. गोदरेज के टाइपराइटर कारखाने की यह फ़ोटो उन्होंने 1984 में ली थी.
  • भारत के पारसी
    सोनी तारापोरवाला ख़ुद एक पारसी हैं. वे अपने समुदाय के बारे में पिछले 36 सालों से लिख रही हैं. पारसी जरथस्त्रू की पूजा करते हैं. माना जाता है कि इस धर्म की स्थापना क़रीब साढ़े तीन हजार साल पहले ईरान में हुई थी. यह फ़ोटो उनके माता-पिता फ्रेनी और रूमी तारापोरवाला की है.
  • भारत के पारसी
    पारसियों की घटती संख्या को देखते हुए उनकी परंपरा को बचाना बहुत जरूरी है.एक अनुमान के मुताबिक़ दुनिया में पारसियों की संख्या क़रीब एक लाख चालिस हज़ार है. इनमें से अधिकतर मुंबई में ही रहते हैं. 'मिस्टर स्पेंसर 90वां जन्मिदन' शीर्षक वाली यह फोटो 2008 में ली गई थी.
  • भारत के पारसी
    भारत के औद्योगिकरण में पारसियों का अहम योगदान है. दुनियाभर में मशहूर टाटा के अलावा देश के बहुत से उद्योगपति पारसी हैं. मुंबई स्थित गेटवे ऑफ़ इंडिया की यह फ़ोटो 1977 में ली गई थी.
  • भारत के पारसी
    सोनी तारापोरवाला ने 2004 में भारत के पारसी समुदाय पर एक कॉफ़ी टेबल फ़ोटोग्राफी बुक प्रकाशित की थी. इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित अधिकांश चित्र इस क़िताब से लिए गए हैं. 'दी मिस्टिक पियोनो ट्यूनर मिस्टर रत्नागर' शीर्षक वाली यह तस्वीर 1985 में ली गई थी.

Videos and Photos

BBC © 2014 बाहरी वेबसाइटों की विषय सामग्री के लिए बीबीसी ज़िम्मेदार नहीं है.

यदि आप अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करते हुए इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरूप कर लें तो आप इस पेज को ठीक तरह से देख सकेंगे. अपने मौजूदा ब्राउज़र की मदद से यदि आप इस पेज की सामग्री देख भी पा रहे हैं तो भी इस पेज को पूरा नहीं देख सकेंगे. कृपया अपने वेब ब्राउज़र को अपडेट करने या फिर संभव हो तो इसे स्टाइल शीट (सीएसएस) के अनुरुप बनाने पर विचार करें.