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क्यों रेत में दबे हैं ये लोग?

 मंगलवार, 26 फ़रवरी, 2013 को 17:32 IST तक के समाचार

घड़ियालों की खातिर रेत समाधि

  • रेत समाधि, घड़ियाल
    मध्य प्रदेश में सोन नदी के किनारे हो रहे रेत के अवैध उत्खनन ने घड़ियालों के संरक्षण में बड़ी बाधा पैदा करनी शुरू कर दी है.सभी तस्वीरें सलमान रावी
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    लोगों का कहना है कि रेत का अवैध उत्खनन घड़ियाल और मगरमच्छ के लिए घातक है क्योंकि ये प्राणी नदी के किनारे ऊँचाई पर ही अंडे देते हैं.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    किसान कहते हैं कि रेत के अवैध उत्खनन को फ़ौरन नहीं रोका गया तो इस इलाके से घड़ियाल और मगरमच्छ विलुप्त हो जाएंगे.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    कई किलोमीटर पैदल चलकर किसानों का ये समूह सीधी जिले के कोल्दाहा आ पहुंचा है जहाँ सोन नदी के किनारे रेत में ये एक एक कर समाधि ले रहे हैं.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    नदी के 209 किलोमीटर के क्षेत्र में बने सोन घड़ियाल अभयारण्य में मगरमच्छ और घड़ियाल का संरक्षित प्रजनन होता है.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    ये समूह है मध्य प्रदेश के इस इलाके की जीवन रेखा कहे जाने वाली सोन नदी के किनारे किनारे कई दिनों से पैदल चल रहा हैं.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    किसानों की शिकायत है कि प्रशासनिक अमला और जन प्रतिनिधि सोन नदी से हो रहे रेत, गिट्टी और पत्थरों के अवैध खनन के प्रति उदासीन हैं.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    पुलिस अधिकारी विवेक कुमार लाल ने बताया कि रेत के अवैध उत्खनन में लगे कई वाहनों को पुलिस ने जब्त किया है और कई लोगों पर मामले भी दर्ज किए गए हैं.
  • रेत समाधि, घड़ियाल
    'टोको रोको ठोको' नाम के संगठन के बैनर तले ये किसान और सामाजिक कार्यकर्ता घड़ियाल और मगरमच्छ को बचाने के लिए अपने आप को रेत में गाड़े हुए हैं.

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