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खेल: 2012 की कहानी, तस्वीरों की जुबानी

 गुरुवार, 27 दिसंबर, 2012 को 09:09 IST तक के समाचार
  • इस साल लंदन में ओलंपिक खेलों का आयोजन हुआ. इसमें लगभग 10500 एथलीट और 204 देशों ने भाग लिया. (तस्वीर रॉयटर्स)

  • माइकल फ़ेल्प्स ने लंदन में चार गोल्ड मेडल जीते. पिछले पदकों को मिलाकर उन्होंने ओलंपिक में कुल 22 स्वर्ण पदक जीते और वो इतिहास के सफलतम ओलंपियन बन गए. (तस्वीर एएफपी)

  • 100 मीटर की दौड़ जीतने के बाद जमैका के धावक उसैन बोल्ट ने कहा, “मैं एक ख्याति वाला आदमी बन गया हूं और साथ ही मैं अब तक का सबसे बड़ा एथलीट हो गया हूं.''

    बोल्ट के प्रदर्शन के अलावा उनका ये खास अंदाज इतना लोकप्रिय हुआ कि पूरी दुनिया में लोगों ने उसकी कॉपी की. (तस्वीर गेटी)

  • ब्रिटेन के साइक्लिस्ट ब्रैडली विगिंस ने ओलंपिक में स्वर्ण के साथ सबसे मुश्किल माने जाने वाली टुअर डे फ्रांस रैली भी जीती. उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किया गया.

  • लंदन में भारत की प्रदर्शन की बात करें तो भारत को दो रजत और चार कांस्य पदकों से संतोष करना पड़ा. सुशील कुमार और निशानेबाज विजय कुमार को रजत पदक मिले. (तस्वीर एपी)

  • मुक्केबाज़ मेरी कॉम ने गोल्ड तो नहीं जीता, लेकिन कांस्य के साथ सभी का दिल ज़रूर जीता.

  • साइना नेहवाल को भी ओलंपिक में कांस्य मिला, इसके अलावा विश्व स्तर पर भी उनकी रैंकिग में सुधार हुआ. (तस्वीर एपी)

  • ओलंपिक में कई गैर पारंपरिक खेलों ने भी धूम मचाई. बीच वॉलीबॉल के मैच देखने खूब भीड़ उमड़ी. (तस्वीर रॉयटर्स)

  • हॉकी में ओलंपिक में टीम का प्रदर्शन याद रखने के काबिल नहीं रहा. लेकिन साल के अंत में चैंपियंस ट्रॉफी में चौथे स्थान पर रहकर भारतीय टीम ने सभी को आश्चर्यचकित किया.

  • भारतीय खेलों के लिए 'खेल की राजनीति' भी इस साल शर्मसार करने वाली रही. अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक संघ ने भारतीय ओलंपिक संघ की मान्यता ही रद्द कर दी. हालांकि अभय सिंह चौटाला इसके नए अध्यक्ष चुने गए. (तस्वीर एपी)

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टेनिस में कहें तो एक पीढ़ी ने दूसरी पीढ़ी को ज़िम्मेदारी सौंपी. रोजर फेडरर ओलंपिक में एंडी मर्रे से हारे. एंडी ने यूएस ओपन में भी शानदार प्रदर्शन से जताया कि आने वाला साल उनका रहेगा. (तस्वीर रॉयटर्स)

  • वहीं महिला टेनिस में सेरिना विलियम्स की कोई सानी नहीं रही. ओलंपिक में स्वर्ण के अलावा यूएस ओपन का खिताब भी उनके नाम रहा.

  • फुटबॉल के दीवानों के लिए ये साल भी लिओनेल मेसी और क्रिस्चियानो रोनाल्डो की कड़ी प्रतिद्वंदता का रहा. मेसी ने गर्ड म्यूलर द्वारा साल में 85 गोल करने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा.

    (तस्वीर एएफपी)

  • क्रिकेट में ये साल रिकी पॉंटिंग की विदाई वाला साल रहा. लेकिन भारत के सचिन तेंदुलकर अभी भी मैदान में डटे हुए हैं.

  • सचिन का रिकार्ड इस साल बेहद साधारण रहा. उनका टेस्ट औसत इस साल 30 से भी कम रहा. और तो और वो लगातार बोल्ड होते रहे. (तस्वीर एपी)

  • सचिन ने इस साल मार्च में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ मैच में अपना सौंवा अंतरराष्ट्रीय शतक जड़ा. 25 दिसम्बर को भारत-पाकिस्तान के बीच ट्वेंटी-20 मैच से पहले वनडे से संन्यास भी ले लिया.

  • टीम इंडिया में तेंदुलकर के साथ खेलने वाले दो दिग्गज़ों ने भी अलविदा कहा. द्रविड़ और लक्ष्मण की जोड़ी ने कोलकाता में इतिहास रचा था और एक दशक से ज्यादा समय तक अपने खेल से पूरी दुनिया में लोहा मनवाया. (तस्वीर गेटी)

  • इन सबके बीच भारतीय टीम इस साल ऑस्ट्रेलिया से उनकी धरती पर और इंगलैंड से तो 28 सालों में पहली बार अपने घर में ही हार गई. कप्तान धोनी और कोच डंकन फ्लेचर पर भी पद छोड़ने का दबाव लगातार बढ़ रहा है.

  • हालांकि ऐसा लगता है कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है. अंडर -19 का वर्ल्ड कप भारत ने कप्तान उन्मुक्त की अगुवाई में जीता.

  • वैसे ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप में इस बार वेस्टइंडीज़ का जलवा रहा और कैरीबियाई टीम ने श्रीलंका में ट्रॉफी पर कब्जा जमाया. (तस्वीर एपी)

  • भारतीय क्रिकेट के लिए सही मायने में हीरो की कहानी युवराज सिंह ने लिखी. अमरीका में कैंसर का इलाज करवाने के बाद युवराज दोबारा क्रिकेट के मैदान में लौटे और करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने.

  • लेकिन युवराज ने जिनसे प्रेरणा ली थी, वो खुद डोपिंग के साए में घिरे रहे. लांस आर्म्सट्रॉन्ग ने कबूल किया कि उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन किया है.

  • ओलंपिक हॉकी में तीन बार स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी लेस्ली क्लॉडियस का निधन हो गया है. वे 85 वर्ष के थे. (तस्वीर पीटीआई)

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