वीरान शहरों की भूतहा गलियां

 मंगलवार, 14 अगस्त, 2012 को 12:33 IST तक के समाचार

निर्माण या निवेश

  • बीजिंग थीम पार्क

    चीन की धीमी पड़ती अर्थव्यवस्था अब बुनियादी ढांचे पर हो रहे बेतहाशा निवेश से बेमेल होती जा रही है. इस वजह से कई महत्त्वकांक्षी परियोजनाएं – जैसे शहर, शॉपिंग मॉल और थीम पार्क खाली पड़े हैं.

    निर्माण के क्षेत्र में निवेश चीन के जीडीपी का एक बड़ा हिस्सा है और इसमें गड़बड़ी का असर सारी अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा.

    लेकिन दिक्कत ये हैं कि एक बड़े मज़दूर वर्ग की वजह से धीमी विकास दर के बावजूद घरों और दुकानों की मांग बढ़ती जा रही है.

    चीन में हर वर्ष 70 से 80 लाख लोग नौकरी शुरू कर रहे हैं और उन्हें घरों और दफ़्तरों की ज़रुरत है.

    ये तस्वीर बीजिंग के उत्तर में स्थित एक वीरान पड़े थीम पार्क की है.

  • मैटियो डैमियानी

    विश्व बैंक की हॉली क्राम्बेक ने हाल में अपने ब्लॉग में लिखा, “ चेंगगोंग में एक लाख फ़्लेट खाली पड़े हैं.”

    इसका निर्माण 65 लाख की आबादी वाले शहर कुनमिंग के बाहर साल 2003 में शुरू हुआ था.

    सारे इलाके में गगनचुंबी इमारतें अटी पड़ी हैं लेकिन अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बावजूद इनकी वीरानी ख़त्म नहीं हो रही है.

    इतालवी पत्रकार मैटियो डैमियानी ने सात साल तक कुनमिंग में का किया और कई बार चेंगगोंग की यात्रा की है.

    उन्हें वहां बस कुछ छात्र, मज़दूर और सुरक्षाकर्मी ही मिले.

    वे कहते हैं कि शहर की भीतरी हिस्सा भी खाली है वहां बड़ा-सा स्टेडियम है, शॉपिंग मॉल है और साथ ही हैं सैंकड़ों अन्य इमारतें. लेकिन सब खाली है.

    ये एशिया का सबसे बड़ा ‘खाली पड़ा शहर’ है.

  • मैथिल्ड ट्यूबेन

    और ये है दुनिया का सबसे बड़ा ‘भूतहा मॉल’. एक करोड़ की आबादी वाले डोंगगुआंग शहर के बाहर बना ये बड़ा-सा शॉपिंग कॉम्पलेक्स बिल्कुल खाली पड़ा है.

    साल 2005 में बनने के बाद से यहां की 1500 दुकानें खाली पड़ी हैं.

    यहां के लिए यातायात के साधन भी काफ़ी ढीले हैं.

    रुके पड़े एस्केलेटर आपको अंधेरे गलियारों में ले जाते हैं.

    ऐसा नहीं कि मॉल के निर्माताओं ने प्रयास ना किया हो. उन्होंने मॉल के बीच में एक नहर, वेनिस के सैंट मैरी चौराहे और पेरिस के आर्क डे ट्रॉएफ़े की नकल तक यहां खड़ी कर दी है.

    इस सब के बावजूद मॉल के वेबसाइट बड़े गर्व से ऐलान करती है कि ये मॉल एक दिन करिश्मा करके व्यापार में नया इतिहास रचेगा.

  • नानकू टाउन

    बीस साल पहले जब चीन की राजधानी बीजिंग के उत्तर के स्थित इस थीम पार्क का निर्माण शुरू हुआ था तो भविष्य की कल्पना बड़ी रंगीन थी.

    इसके मध्यकालीन लगने वाले दरो-दीवार अब वीरान हैं. खाली पड़ी इमारतों के बीच स्थानीय किसान खेती करते हैं.

    1990 के दशक में निर्माणकर्ताओं ने वादा किया था कि वो एशिया का सबसे बड़ा एम्यूज़मेंट पार्क बनाएंगे लेकिन बाद में ये परियोजना मल्कियत को लेकर कानूनी झगड़े में उलझ गई.

  • इंग्लिश अंदाज़ में बने इस शहर में नवविवाहित जोड़े तस्वीरें खिंचवाने आते हैं.

    शंघाई के बाहर स्थित इस शहर में एक किला, नव-गॉथिक अंदाज़ की चर्च, जॉर्जियाई घर और अंग्रेज़ों के इतिहास और संस्कृति से जुड़े नामचीन लोगों के पुतले तक हैं. जिनमें विंसटन चर्चिल, जेम्स बॉन्ड और हैरी पॉटर शामिल हैं.

    साल 2006 में खुलने के बाद से ही ये वीरान सा है.

    यहां सड़कें सूनसान और दुकानें खाली पड़ी हैं.

    हांलाकि निर्माण करने वाले कह रहे हैं कि कुछ फ्लैट बिके हैं, जिन्हें लोग निवेश के लिए ख़रीद रहे हैं.

  • शायद आप एक इंग्लिश कस्बे को तो कॉपी कर सकते हैं लेकिन मैनहेटन को?

    अगर चीनी निर्माणकर्ताओं की चली तो यूजिआपू अब से एक दशक बाद अंतरराष्ट्रीय वित्त व्यवसाय का केंद्र बन जाएगा.

    उनके अनुसार वे तो टियानजिन शहर के उत्तर में दुनिया के सबसे बड़े वित्तीय केंद्र का निर्माण कर रहे हैं.

    लेकिन रॉयटर्स एजेंसी की एक ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार यहां पर भी परियोजना के लक्ष्य नीचे किए गए हैं.

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