
अरबों डॉलर कमाने वाले कपास उद्योग के सबसे निचले पायदान पर बाल मज़दूरी हो रही है. भारत से कपड़ा ब्रिटेन की चमचमाती दुकानों तक भी पहुंचता है लेकिन इस व्यवसाय में किसी को बच्चों की परवाह नहीं है. हंफ़्री हॉक्सली की रिपोर्ट.
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अरबों डॉलर कमाने वाले कपास उद्योग के सबसे निचले पायदान पर बाल मज़दूरी हो रही है. भारत से कपड़ा ब्रिटेन की चमचमाती दुकानों तक भी पहुंचता है लेकिन इस व्यवसाय में किसी को बच्चों की परवाह नहीं है. हंफ़्री हॉक्सली की रिपोर्ट.
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