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घाना की यात्रा पर ओबामा

अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी पहली घाना यात्रा के दौरान कहा है कि अमरीका अफ़्रीकी देशों को मदद करेगा लेकिन अफ़्रीकी देशों को युद्ध, भ्रष्टाचार और अन्य समस्याओं से मुक्ति दिलाने के लिए स्थानीय सरकारों को ज़िम्मेदारी से काम करना होगा.

घाना के लोगों ने बराक ओबामा का स्वागत जिस गर्मजोशी से किया, वहाँ की संसद में अमरीकी राष्ट्रपति का भाषण भी उसी तरह गर्मजोशी से भरा रहा.

अपने अफ़्रीकी जड़ों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ओबामा ने बताया कि किन परिस्थितियों में उनके पिता कीनिया में बड़े हुए थे. ओबामा ने कहा कि उनके पिता जहाँ नौकरी करते थे वहाँ साहब लोग उन्हें 'लड़के' कह कर बुलाते थे. उपनिवेशवाद के ख़िलाफ़ आंदोलन के दौरान उनके पिता को जेल में भी रहना पड़ा था.

इन बातों की चर्चा कर ओबामा ने ये साबित करने की कोशिश की, कि उन्हें अफ़्रीकियो के संघर्ष की, उसकी दुविधा की पूरी जानकारी है. लेकिन साथ ही उन्होंने बिना लाग-लपेट के ये भी कहा कि अपनी अनेक समस्याओं के लिए अफ़्रीकी स्वयं ही ज़िम्मेवार पर है.

अफ़्रीका में तानाशाही सत्ता को उखाड़ फेंकने का आहवान करते हुए बराक ओबामा ने कहा- "बीमारियों से पार पाने और लड़ाईयों को ख़त्म करने की ताक़त आप में है. आप जड़ से शिखर तक बदलाव ला सकते हैं. आप ऐसा कर सकते हैं. हाँ, आप ये कर सकते हैं. क्योंकि मौजूदा दौर इतिहास को बदलने का है."

अमरीकी राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि अफ़्रीका अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से सम्मान और निष्पक्षता की अपेक्षा करता है, तो पहले उसे अपना घर ठीक करना होगा.

ओबामा ने कहा कि सुशासन के बग़ैर अफ़्रीका अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर सकता.

उन्होंने कहा- "सबसे पहले आपको यहाँ घाना में उभर कर सामने आए एक बुनियादी सच को पहचानना होगा कि विकास सुशासन पर निर्भर करता है. और ये चीज़ कई जगह, लंबे समय से नदारद है. यदि ये परिवर्तन संभव हुआ तो अफ़्रीका अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल कर सकेगा. लेकिन ये बदलाव ख़ुद अफ़्रीका के लोगों को ही लाना होगा."

कहना नहीं होगा कि ओबामा का भाषण एक प्रेरक संदेश के रूप में था. उन्होंने बड़ी-बड़ी बातें पूरी तरह आम अफ़्रीकियों को लक्ष्य कर के कही.

ये भाषण अफ़्रीका को लेकर अमरीका की किसी नई नीति के बारे में नहीं था.

ओबामा ने इस बात को ज़रूर रेखांकित किया कि इस समय व्हाइट हाउस में अफ़्रीका का शुभचिंतक, उसका दोस्त मौजूद है. लेकिन उन्होंने इस बारे में ज़्यादा कुछ नहीं कहा कि अफ़्रीका की समस्याओं के समाधान के लिए, वहाँ विकास की गंगा बहाने के लिए उनका योगदान किस रूप में होगा.

इसलिए ये कहना ग़लत नहीं होगा कि ओबामा के घाना दौरे का महत्व मात्र प्रतीकात्मक ही माना जाएगा.